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  • 2025-11-20

Jharkhand Illegal Mining: सोनार बस्ती के रैयतों ने बस्ताकोला प्रबंधन के खिलाफ किया जोरदार विरोध, अवैध खनन रोकने की मांग

Jharkhand: सोनार बस्ती के रैयतों ने बस्ताकोला प्रबंधन एवं आउटसोर्सिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके जमीन पर अवैध खनन कार्य रोकने की मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ताकोला प्रबंधन ने उनकी जमीन का केवल 12.81 एकड़ हिस्सा ही मुआवजा देकर अधिग्रहित किया है, जबकि लगभग 23.50 एकड़ जमीन पर बिना किसी मुआवजा के अवैध खनन शुरू कर दिया गया है। इससे रैयतों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्रदर्शनकारी रैयतों ने बस्ताकोला महाप्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खनन

प्रदर्शनकारी रैयतों ने बस्ताकोला महाप्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खनन में इस्तेमाल हो रही मशीनों को जबरदस्ती वापस भेज दिया। इस दौरान रैयत पंचम प्रसाद वर्मा और राजेश वर्मा ने बताया कि सोनार बस्ती के 15 रैयतों के कुल 35.69 एकड़ जमीन में से 12.81 एकड़ जमीन का ही मुआवजा मिला है। बाकी जमीन पर खनन शुरू कर दिया जाना न केवल उनकी संपत्ति का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके जीवन-यापन के साधनों को भी खतरे में डाल रहा है।

उन्होंने कहा कि रैयतों के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया

उन्होंने कहा कि रैयतों के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि जल्द ही इस अवैध खनन को रोका नहीं गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठने को मजबूर होंगे। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त, एसएसपी और कंपनी के सीएमडी को भी शिकायत पत्र सौंपा है।

प्रदर्शन में सोनार बस्ती के हरिदास सोनार, देवदास स्वर्णकार

प्रदर्शन में सोनार बस्ती के हरिदास सोनार, देवदास स्वर्णकार, गोपाल प्रसाद वर्मा, बिनोद वर्मा, दिनेश वर्मा, सुरेश वर्मा, राजेश वर्मा, शिबू रजवार, लक्ष्मी रजवार, मोहन रजवार, सुरेश रजवार, मनोज वर्मा, संतोष प्रसाद स्वर्णकार, प्रकाश रजवार समेत कई अन्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा की आवाज बुलंद की।

यह मामला स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि रैयत अपनी जमीन को लेकर बेहद सशक्त और संगठित हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन किस तरह इस मामले को सुलझाता है और रैयतों की समस्याओं का समाधान करता है।

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