Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने 522 करोड़ 91 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी अमित गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की एकल पीठ ने कहा कि आरोपी यह साबित नहीं कर पाया कि वह बेगुनाह है. कोर्ट ने अपराध को बेहद गंभीर करार देते हुए कहा कि ऐसे मामले देश के आर्थिक और वित्तीय ढांचे की जड़ें हिलाते हैं.
कोर्ट ने कहा कि अमित गुप्ता पर 135 शेल कंपनियों को चलाने फर्जी इनवॉइस बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत फायदा देने का आरोप है. 750 करोड़ से ज्यादा के फर्जी जीएसटी इनवॉइस के जरिए सरकारी खजाने को चपत लगाई गई. जमानत देने से आर्थिक अपराधियों को गलत संदेश जाएगा और लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कम होगा. ईडी ने 8 मई दो 2025 को अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था.
हाईकोर्ट का यह फैसला आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश है. 522 करोड़ का मामला छोटा नहीं और शेल कंपनियों फर्जी इनवॉइस का जाल साबित करता है कि टैक्स चोरी कितने सुनियोजित तरीके से हो रही है. कोर्ट ने साफ कहा कि पीएमएलए में दोषी साबित करने का बोझ आरोपी पर है और अमित गुप्ता यह बोझ उठा नहीं पाए. जमानत खारिज होने से ईडी को जांच में और मजबूती मिलेगी. अगर चार्जशीट मजबूत रही तो लंबी सजा तय है. यह फैसला दूसरे आर्थिक अपराधियों को भी सबक देगा कि अब आसानी से छूट नहीं मिलेगी. टैक्सपेयर का पैसा लूटने वालों पर अब कोर्ट की नजर सख्त हो गई है.