Jharkhand Weather Update: झारखंड में ठंड धीरे धीरे असर दिखाने लगी है. राज्य में किसी बड़ी मौसमी प्रणाली का प्रभाव भले न हो, लेकिन उत्तर पश्चिमी और पश्चिमी हवाओं की सक्रियता ने तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू कर दिया है. पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. साहेबगंज में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री रहा. राज्य में सबसे कम तापमान गुमला में रिकॉर्ड किया गया.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य सीमा से थोड़ा ऊपर या नीचे रहा. सुबह के समय आर्द्रता 80 से 95 प्रतिशत के बीच रही. अगले कुछ दिनों में सुबह हल्की धुंध या कोहरा छाने की संभावना है. दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से सामान्यतः आरामदायक मौसम बना रहेगा. विभाग ने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी करने की आवश्यकता नहीं है.
23 से 26 नवंबर के बीच तापमान में 8 से 10 डिग्री तक गिरावट होने का अनुमान है. कोडरमा, चतरा, पलामू, लातेहार और गढवा में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से गिरकर 11 से 12 डिग्री तक पहुंच सकता है. रांची, हजारीबाग और रामगढ में भी ठंड बढ़ेगी. जहां अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक आने की संभावना है. उत्तर पूर्वी जिलों धनबाद, देवघर, गिरिडीह और दुमका में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है.
दक्षिणी झारखंड में भी ठंड की आहट तेज होगी. रांची, बोकारो, रामगढ, खूंटी, गुमला और कोडरमा में सुबह धुंध की परत दिख सकती है. जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में भी दृश्यता प्रभावित होने की संभावना है. गढवा, पलामू और लातेहार के इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा, हालांकि सुबह हल्की धुंध छा सकती है.
27 और 28 नवंबर को सुबह हल्की धुंध और दिन में कहीं कहीं छिटपुट बादल दिख सकते हैं. बारिश के आसार नहीं हैं. शाम होते होते आर्द्रता में कमी आएगी और मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बदलते तापमान को देखते हुए गर्म कपड़ों की व्यवस्था कर लें, क्योंकि 24 नवंबर के बाद पूरे प्रदेश में कनकनी और बढ़ेगी और ठंड का असर दिन प्रतिदिन तेज होता जाएगा.
राज्य में तापमान में लगातार गिरावट साल के इस समय सामान्य है, लेकिन इस बार हवाओं की दिशा और तेजी के कारण ठंड कुछ दिन पहले ही गहराने लगी है. कोहरे की स्थिति बढ़ने से सुबह के वक्त यात्रा और यातायात पर असर पड़ सकता है. मौसम की शुष्कता बढ़ने से स्वास्थ्य पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का यह दौर जारी रहेगा और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रातें और अधिक सर्द होंगी.