Jharkhand News: समन अवहेलना मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से बड़ा झटका मिला है. झारखंड हाई कोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को दिए गए उस अंतरिम आदेश को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत MP-MLA कोर्ट में सीएम को व्यक्तिगत उपस्थिति से अस्थायी छूट मिली थी. अब MP-MLA कोर्ट मामले की नियमित सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने समय देने का आग्रह किया, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और अंतरिम राहत खत्म करने का फैसला सुना दिया. मामले में ED की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास ने पक्ष रखा.
सीएम हेमंत सोरेन ने MP-MLA कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उनकी ओर से दाखिल सीआरपीसी की धारा 205 के तहत व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट संबंधी पिटीशन को खारिज कर दिया गया था. विशेष न्यायाधीश ने उन्हें मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था. इसी आदेश को निरस्त करने के लिए सोरेन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
ईडी ने समन का पालन नहीं करने को लेकर हेमंत सोरेन के खिलाफ शिकायतवाद दायर किया है. यह मामला MP-MLA कोर्ट में कांड संख्या 2/2024 के रूप में दर्ज है और इसकी सुनवाई जारी है.
हाई कोर्ट के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री के लिए कानूनी चुनौती और गंभीर हो गई है. MP-MLA कोर्ट अब बिना किसी रोक के ट्रायल आगे बढ़ाएगा जिससे मामले की गति तेज होने की संभावना है. यह आदेश राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर प्रभाव डाल सकता है.