जमशेदपुर टीम पीएसएफ यानी प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन इस वर्ष अपना स्थापना दिवस पोटका के बीहड़ जंगल के बीच बसे और सुविधा से वंचित कोराड़कोचा गांव को समर्पित करते हुए इसके तहत रविवार 30 नवंबर को, टीम पीएसएफ के 30 सदस्यीय का दल, गांव में रहने वाले सबर परिवारों के साथ कुल 34 जरूरतमंद परिवार के बीच संपूर्ण सुखा राशन सामग्री, जरूरत के कपड़े, चिकित्सिय सुविधा के लिए जरूरी, एमरजेंसी फास्ट एड बॉक्स, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक वज़न मापने की मशीन, प्रति परिवार खुशियाली पैक में साड़ी, धोती, ब्रेड, बिस्किट, भुजा, जूस, कॉपी, पेंसिल, रबर वितरित की गई।
टीम पीएसएफ की पूरी टीम रविवार को एक उत्सव समारोह के तहत गांव वालों को सम्मान पूर्वक सामग्री का वितरण किया. टीम पीएसएफ की खुशहाली पैक और राशन सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान देखते ही बन रही थी. सभी ने एक स्वर में धन्यवाद बोलकर आभार जताया. गांव के प्रधान को मेडिकल कीट, जरूरी दवाई भी सौंपा गया. साथ ही यह भी बताया गया कि किसी को भी दवा बगैर चिकित्सिय परामर्श के नहीं देना हैं।
इसकी जानकारी देते हुए टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने बताया कि पिछले दिनों एक समाचार के माध्यम से कोराड़कोचा गांव की दयनीय स्थिति सामने आई थी. समाचार देखने के बाद ही टीम पीएसएफ ने यह संकल्प लिया था कि इस गांव के और ग्रामीणों के विकास में अपना हाथ आगे बढ़ाएगी।
टीम पीएसएफ अपने संकल्प को पूरा करने की शुरुआत रविवार को एक बड़े अभियान के साथ कर दी. अरिजीत सरकार ने बताया कि इस कार्य में बीएसएसआर यूनियन जमशेदपुर चैप्टर का भी सहयोग रहा. परन्तु वर्ष का सबसे बड़ा अभियान को टीम पीएसएफ ने संस्था के स्थापना दिवस, झारखंड स्थापना दिवस, साथ ही साथ दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम समर्पित किया. संस्था के सदस्यों के रूप में उपस्थित रहे।