Jharkhand News: झारखंड में NDPS कोर्ट की स्थापना को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है. इस विषय पर विचार के लिए केंद्रीय मंत्रालय की अध्यक्षता में पांच दिसंबर को महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है. बैठक से पहले झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि तीन दिसंबर तक एनडीपीएस मामलों की लंबित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए. यह रिपोर्ट वर्ष 2020 से 2025 के बीच दर्ज मामलों के आधार पर तैयार की जानी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि लंबित मामलों की स्थिति, संख्या और वर्तमान प्रगति का पूरा ब्यौरा अनिवार्य रूप से भेजा जाए.
रिपोर्ट तैयार करने के लिए झारखंड सीआईडी भी सक्रिय हो गई है. एक दिसंबर को सीआईडी ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर लंबित मामलों की समेकित रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य यह है कि गृह विभाग इन आंकड़ों को केंद्रीय बैठक में प्रस्तुत कर सके.
एनडीपीएस मामलों की तेजी से बढ़ती संख्या और इनके निपटारे में लगने वाले लम्बे समय ने राज्य स्तर पर एक विशेष अदालत की आवश्यकता को लंबे समय से रेखांकित किया है. केंद्र की बैठक और उससे पहले राज्य की तत्परता यह संकेत देती है कि सरकार मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों को लेकर सख्त नीति और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है. लंबित मामलों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति यह तय करेगी कि नई अदालत की स्थापना कितनी आवश्यक और तात्कालिक है.