Jharkhand News: कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने सोमवार को छात्रवृत्ति योजना की व्यापक समीक्षा की और वितरण प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई. बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने में विलंब नहीं होना चाहिए. मंत्री ने बोकारो, चतरा और गिरिडीह जिलों में वित्तीय वर्ष 2024 से 2025 के बीच प्री मैट्रिक कक्षा एक से आठ, कक्षा नौ से दस और पोस्ट मैट्रिक श्रेणियों में छात्रवृत्ति वितरण की कमजोर प्रगति पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने तीनों जिलों के जिला कल्याण पदाधिकारियों से देरी के कारणों का विस्तृत विवरण मांगने का निर्देश दिया.
मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य छात्रों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
समयसीमा के भीतर करें भुगतान की प्रक्रिया
मंत्री चमरा लिंडा ने जिला कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले छात्रवृत्ति भुगतान की पूरी प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर ली जाए. इसके साथ ही सभी जिलों के उपायुक्तों को आदेश दिया गया कि जिला स्तरीय समिति की बैठक समय पर आयोजित की जाए और लंबित आवेदनों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए ताकि किसी भी छात्र को उसका अधिकार पाने में असुविधा न हो.
छात्रवृत्ति वितरण में सुस्ती झारखंड की कल्याण योजनाओं की बड़ी चुनौतियों में से एक रही है. जिन जिलों का उल्लेख मंत्री ने किया है, वहां पहले भी धीमी प्रगति की शिकायतें सामने आती रही हैं. मंत्री का कड़ा रुख यह संकेत देता है कि सरकार ग्राउंड लेवल पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए दबाव बढ़ा रही है. यदि जिलों में मॉनिटरिंग मजबूत होती है और भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो छात्रवृत्ति योजना का सीधा लाभ हजारों जरूरतमंद छात्रों तक पहुंच सकेगा.