Adityapur News: आदित्यपुर थाना अंतर्गत गुमटी बस्ती मार्ग पर स्थित मां मनसा देवी मंदिर का छज्जा और चबूतरा रेलवे प्रशासन द्वारा तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है. स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का आरोप है कि रेलवे ने पहले सीमांकन किया, इसके बावजूद मंदिर के बाहरी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, जो उनकी आस्था का केंद्र है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मंदिर कई वर्षों पुराना है, जहां उनके पूर्वज भी पूजा-पाठ करते थे. अचानक मंदिर को क्षतिग्रस्त किए जाने से श्रद्धालुओं में गहरी मायूसी और आक्रोश है. मंदिर में पूजा करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, और इस तरह की कार्रवाई उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन ने पहले आश्वासन दिया था कि मंदिर को कोई नुकसान नहीं होगा और रास्ता बगल से निकाला जाएगा. लेकिन अब मंदिर का आधा हिस्सा पूरी तरह से तोड़ दिया गया है. उन्होंने बताया कि पहले इस मार्ग के दूसरी तरफ मां काली का एक और मंदिर था, जो रेलवे की हद में बताकर उसे भी तोड़ दिया गया है.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अंचल के अमीन और रेलवे के अधिकारियों द्वारा पूर्व में सीमांकन करके खंबा गाड़ा गया था. मगर सीमांकन होने के बाद मंदिर टूटना बेहद निंदनीय है. लोगों का कहना है कि जिस जगह मंदिर स्थापित है, वह जमीन अनाबाद बिहार सरकार की जमीन है. सीमांकन के बावजूद इस तरह की कार्रवाई से लोगों में डर का माहौल है और उन्हें लगता है कि "रोड चोरी" के नाम पर उनकी धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है.
इस घटना के बाद स्थानीय निवासी एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और रेलवे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाए. दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. भविष्य में धार्मिक स्थलों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए.