Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-12-02

Bokaro News: बोकारो में अतिक्रमण पर BSL का बुलडोजर एक्शन, सिटी सेंटर से दर्जनों गुमटियां-झोपड़ियां ध्वस्त, रोजी-रोटी का संकट

Bokaro: बोकारो के सिटी सेंटर में पिछले कई दिनों से अतिक्रमण और उसके हटाने को लेकर जो संशय की स्थिति बनी थी, वह खत्म हो गई और आज बड़े पैमाने पर पुलिस बल को लेकर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बोकारो स्टील का सिक्योरिटी विभाग सिटी सेंटर पहुंचा और फिर बुलडोजर अपने एक्शन में आ गया। फुटपाथ की दुकानों पर बुलडोजर का वार शुरू हुआ और ताबड़तोड़ गुमटियां और झोपड़ियां जमीन डोज होती गई ।






 फुटपाथ पर बनी हुई दुकान बुलडोजर के ताप से जमी पर सिमटी गई और इसी के साथ कई लोगों की रोजी-रोटी दफन होती रही यहां रोजी रोजगार चलाने वाले लोग अपनी आंखों से देखते रहे कैसे बुलडोजर ने कुचल दिया उनकी गुमटियों को उठा दिया उनके अरमान को और लूट लिया उनकी रोजी-रोटी को। बोकारो स्टील प्लांट की ओर से संपदा न्यायालय ने इन गुमटियों को झोपड़ियां को अवैध घोषित कर दिया था और अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश जारी किया था। लोगों को यह भी कहा गया था ताकि वे अपना अतिक्रमण हटा लें अपने सामानों को समेट कर बोकारो स्टील की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर दें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ ढांचा खड़ा रहा और यह उम्मीद बनी रही कि बोकारो स्टील का नगर सेवा भवन की धमकी कोई मायने नहीं रखेगी। लेकिन हुआ उम्मीद से विपरीत। 

प्योर लव लश्कर के साथ सिक्योरिटी विभाग की टीम बोकारो पुलिस के सहयोग से मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पहुंच गई मौके पर और शुरू हो गया अतिक्रमण धराशाई ऑपरेशन। बुलडोजर अतिक्रमित कर लगाए गए ढांचों पर एक्शन दिखाता रहा एक झटके में गोमती और झोपड़ियां मटिया मेट होती गई लोगों ने तबाही के मंजर को देखा। पर किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वह इस एक्शन के खिलाफ अपना रिएक्शन जाहिर करें। लोग मन मसोस के रह गए लोग देखते रहे अपनी तबाही अपनी आंखों से। उनके लिए अभी एक सवाल रहेगा कहां खाएंगे क्या बच्चों को परिवार को खिलाएंगे क्या। सवाल यह भी की गरीब होना क्या पाप है गरीब होने का मतलब आपके जीवन जीने का अधिकार नहीं है ऐसा होता है क्या। एक तरफ सरकार गरीबों की रोजी रोजगार की बात कहती है उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की योजनाएं चल रही है।

 प्रशासन को संवेदनशील होकर उनके मसलों को हल करने का उनके जीवन यापन की व्यवस्था करने का सरकार आदेश दे रही है और दूसरी ओर मसल दिए जा रहे हैं तोड़ दिए जा रहे हैं और जमीन डोज कर दिए जा रहे हैं उनके वे ढांचे जिसे 2 जून की रोटी चलती रही है परिवार का गुजारा होता रहा है और किसी तरह जिंदगी कटती रही है। लेकिन बोकारो स्टील के लिए इन सवालों का कोई मतलब नहीं। जमीन अतिक्रमण है तो उसे खाली करना है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर हाल में बोकारो स्टील की संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। और फिर चल पड़ा है यह कारवां अपने अभियान में लग गई है टीम अपने एक्शन में और टूटने लगा है बरसों से खड़ा लोगों का ढांचा लोगों की गुमटी लोगों का आशियाना। 

कई वर्षों से अतिक्रमण का यह सिलसिला जारी था और गुमटियां झोपड़िया लगती रही थी बनती रही थी और बिजली और पानी की मुफ्त सुविधा भी अतिक्रमण करने वाले लोगों के लिए वरदान बनी हुई थी। लेकिन बोकारो स्टील ने अपना कर बरपान शुरू किया है अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज किया है और लोगों के सपनों को रौंदने का काम शुरू किया है। बोकारो स्टील साहब कहता है बरसों से रह लिए तो संपत्ति आपकी हो गई क्या। आपका रहना ही अतिक्रमण था गैर कानूनी था और इसे कभी भी हटाया जा सकता था यह भी तय था अब बोकारो स्टील ने इस अभियान को तेज किया है तो फिर काहे का हाय तोबा। बोकारो स्टील अपना काम कर रहा है। 

अपनी संपत्ति की रक्षा करना कानूनी है और बोकारो स्टील अतिक्रमण मुक्त कर अपनी ज़मीन को खाली कर रहा है। उम्मीद थी की बोकारो स्टील का यह क्रिया लोगों को गुस्से में भरेगा विरोध के स्वर तेज होंगे हंगामा होगा और अतिक्रमण मुक्त अभियान का विरोध करते हुए लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ेगी। लेकिन ना कोई भीड़ न कोई विरोध ना कोई हंगामा सब कुछ सहजता से शुरू हुआ सहजता से बढ़ने लगा और और सहज तरीके से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर जारी रहा एक्शन में। बोकारो इस्पात नगरी का अतिक्रमण कोई एक दिन में नहीं हुआ था। तंत्र सोया था या फिर खुश होकर अतिक्रमण की इजाजत दे रहा था यह बताने की जरूरत नहीं है। 

जब बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ तो उसे हटाने के अभियान भी शुरू किया गया। लेकिन इसी के साथ जब लोगों की रोजी-रोटी छिनने लगी है तब बेघर और रोजी-रोटी गवाने वाले स्ट्रीट वेंडरिंग एक्ट का हवाला देते हुए यह कहने लगे हैं की सरकार ने फुटपाथ दुकानदारों की आजीविका संरक्षण के लिए कानून बनाई है जिसमें उन्हें व्यवस्थित कर सुविधा देने का प्रावधान किया गया है और कानून सम्मत रोजी रोजगार करने की इजाजत है तो बोकारो स्टील मैनेजमेंट उसे कानून का अनुपालन कर उन्हें व्यवस्थित क्यों नहीं कर रहा और उन्हें अतिक्रमणकारी क्यों मान रहा है जबकि वे यहां के लोगों की सेवा में है वह यहां पर समस्या नहीं समाधान है और लोगों के कल्याण में अपने को लगाए हुए हैं। 

ऐसे लोग यह भी कहते हैं कि उन्हें कायदे से व्यवस्थित कर दिया जाए, उनकी दाल रोटी चलती रहे और उन्हें व्यवस्थित करने के एवज मे जो किराया तय होगा उनसे लिया जाए। बहरहाल अतिक्रमण हटाओ अभियान मांग और उस पर विचार के बीच बोकारो में बुलडोजर गरज रहा है। बुलडोजर एक्शन में है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !