Meerut News: मेरठ में दहेज हत्या से जुड़े एक मामले में लगातार गैरहाजिर रहने पर दौराला सर्किल की तत्कालीन क्षेत्राधिकारी शुचिता सिंह और वर्तमान क्षेत्राधिकारी प्रकाश चंद्र अग्रवाल के खिलाफ अदालत ने कड़ा कदम उठाया है. अपर जिला जज कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश आलोक द्विवेदी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं. अदालत ने आदेश दिया है कि दोनों को गिरफ्तार कर आगामी 8 दिसंबर 2025 को पेश किया जाए.
यह मामला थाना पल्लवपुरम में 24 नवंबर 2024 को दर्ज हुआ था. वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी रिया की दहेज को लेकर उसके पति रितिक, ससुर नरेंद्र और परिवार के अन्य सदस्यों ने हत्या कर दी. यह केस फिलहाल अपर जिला जज कोर्ट संख्या-2 में विचाराधीन है.
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि कई तिथियों पर बुलाए जाने के बावजूद तत्कालीन सीओ शुचिता सिंह और वर्तमान सीओ प्रकाश चंद्र अग्रवाल कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे. उनकी अनुपस्थिति के कारण मुकदमे की सुनवाई लगातार प्रभावित हो रही थी. इसी वजह से कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए दोनों अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए.
यह आदेश साफ करता है कि अदालत न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी देरी को लेकर अब बेहद गंभीर है. दहेज हत्या जैसे मामलों में लापरवाही को न्याय में बाधा माना जा रहा है. यह फैसला बताता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को भी कोर्ट की कार्यवाही को प्राथमिकता देनी होगी, अन्यथा कानूनी कार्रवाई से बचना मुश्किल होगा.