Jharkhand News: शीतकालीन सत्र के बीच आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो बकाया छात्रवृत्ति को लेकर शुक्रवार को सदन के बाहर धरना पर बैठ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों को दो वर्षों से पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति नहीं मिली है और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन है. विधायक ने कहा कि गरीब और मजदूर परिवारों के छात्र पार्ट टाइम काम कर पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है.
सत्र में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सरना धर्म कोड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब देने को सरकार तैयार है लेकिन सरना धर्म कोड पर भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि यह सत्र महत्वपूर्ण है जिसमें द्वितीय अनुपूरक बजट के साथ कई विधेयक पेश होंगे.
सरकार ने अपने वादे नहीं निभाए: नीरा यादव
वहीं भाजपा विधायक नीरा यादव ने सरकार पर वादे न निभाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने के बाद भी जनता को अपने सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में सरकार से जवाब मांगेगा और वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार: स्टीफन मरांडी
जेएमएम विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उनके अनुसार मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सदन में स्पष्ट और तथ्य आधारित जवाब रखें. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजनीति करना नहीं बल्कि राज्य के विकास के लिए काम करना है.
शीतकालीन सत्र की कार्यवाही से यह साफ दिख रहा है कि सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के मुद्दे बढ़ रहे हैं. छात्रवृत्ति का मामला लंबे समय से लंबित है जिससे बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हो रहे हैं. सरना धर्म कोड, अधूरे वादे और विकास के वादों पर भी विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है. सरकार की जवाबदेही और विपक्ष की आक्रामकता इस सत्र को और भी महत्वपूर्ण बना रही है.