Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर में एमजीएम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पोखारी गांव में 29 और 30 नवंबर की रात हुए चोरी के मामले का उद्भेदन कर पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने सुंदर कुजूर, रोहित गोप, मनीष राय और बिक्की सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनसे चोरी की लगभग 15 से 16 लाख रुपये की ज्वेलरी, मोबाइल और घरेलू सामान बरामद कर लिया है. पूरी कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की निगरानी में और पुलिस उपाधीक्षक पटमदा तथा थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई.
घटना उस वक्त हुई थी जब महेश गौड का परिवार घर बंद कर एक कार्यक्रम में गया हुआ था. इसी दौरान चोरों ने ताला तोड़कर सोने चांदी के जेवर, मोबाइल फोन और नकदी समेत कई कीमती सामान घर से ले गए थे. मामले की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी और एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी सुंदर कुजूर और रोहित गोप को पकड़ा. दोनों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली और बताया कि वारदात के बाद ही दोनों ने आपस में आभूषण बांट लिए थे. जांच में खुलासा हुआ कि सुंदर कुजूर ने चोरी का एक चेन और एक टॉप्स मनीष राय को दे दिया था ताकि वह इसे बेच सके. मनीष राय ने चेन को बिक्की सिंह को 10 हजार रुपये में बेच दिया था. पुलिस ने तीनों के पास से सोने और चांदी के जेवर वापस बरामद कर लिए हैं. अभियुक्तों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है. इनमें से कुछ पहले भी चोरी, मारपीट और छिनतई जैसे मामलों में जेल जा चुके हैं.
यह सामान हुए बरामद
पुलिस ने जिन सामानों को बरामद किया है, उनमें सोने का ब्रासलेट, मंगलसूत्र, अंगूठी, कई जोड़ी सोने और चांदी के टॉप्स, चांदी के पायल और बिछिया, सोने का हार, सोने की चेन, वीवो, ओप्पो और वॉक्स कंपनी के मोबाइल फोन, एक स्क्रूड्राइवर, बड़ा लोहे का पेचकस, काला स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, हेयर ड्रायर ब्लोअर, हेयर स्ट्रेटनर और उशा कंपनी का आयरन शामिल है. बरामद सभी वस्तुओं की कुल कीमत लगभग पंद्रह से सोलह लाख रुपये के बीच है.
छापामारी दल
बचनदेव कुजूर, सचिन कुमार दास, प्रदीप वर्मा, नरेन्द्र बिहारी सिंह, मो फिरोज आलम, राजे कुमार, सरोज मिश्रा और मोनू कुमार.
यह कार्रवाई दिखाती है कि समय पर की गई पुलिस रणनीति और टीमवर्क किस तरह बड़े मामलों को खुलासा करने में अहम भूमिका निभाते हैं. चोरी के बाद अक्सर सामान कई हाथों में पहुंच जाता है, लेकिन इस मामले में त्वरित कार्रवाई के कारण लगभग पूरा माल बरामद हो गया. यह भी स्पष्ट होता है कि कई स्थानीय युवक लगातार अपराध में शामिल हो रहे हैं, जो सामाजिक और पुलिस दोनों के लिए चुनौती है. इस तरह की कार्रवाई अपराध पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित होती है और ग्रामीण इलाकों में पुलिस पर भरोसा मजबूत करती है.