लेकिन सड़क निर्माण के दौरान एक भी सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं है, सड़क को दोनों ओर से काटा गया जिसमें एक ओर तीन फीट गढ़ा है और जिससे रास्ता काफी संकरा हो गया है और आइए दिन वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो जाते है, सड़क निर्माण में कहीं भी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया गया है, और पुरे रस्ते में कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगा हुआ है और जहाँ रोड कटा हुआ है, उस जगह को चिन्हित करने के लिए रेडियम बीम लाइट नहीं लगाया गया है, जिससे रात में वाहन चालकों को रोड का अंदाज़ा नहीं लग पाता है और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है. ऐसे में सड़क निर्माण कार्य कर रहे कंस्ट्रक्शन कंपनी पे गंभीर सवाल उठते है कि बगैर सुरक्षा उपकरण और रोड डायवर्सन चिन्हित किये बिना कैसे कार्य हो रहा है. क्या विभाग के सम्बंधित पदाधिकारी सड़क निर्माण का दौरा नहीं करते है ?

इस प्रोजेक्ट पर झारखंड सरकार के पथ
निर्माण विभाग की ओर से करीब 101.06 करोड़
रुपये खर्च किए जा रहे हैं, ताकि
आने-जाने वाले यात्रियों को भविष्य में और बेहतर सुविधा मिल सके.
डोबो पुल से कांदरबेड़ा तक 7.91
किमी फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद इस मार्ग पर
सफर करना न केवल आसान बल्कि सुरक्षित भी हो जाएगा. यह सड़क जमशेदपुर के औद्योगिक
इलाकों को नई दिशा देगी और शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम की परेशानी से बड़ी राहत
मिलेगी.
सड़क पूरी होने के बाद, जमशेदपुर और रांची की ओर आने-जाने वाले यात्रियों
को सफर में काफी आसानी होगी। अभी इस सड़क पर गड्ढों और टूटे-फूटे हिस्सों के कारण
यात्रियों को परेशानी हो रही है। साथ ही, सड़क
संकरी होने की वजह से अक्सर जाम लग जाता है।