Adityapur News: आदित्यपुर के वार्ड संख्या 18 में स्थित कमजोर आय वर्ग (W-टाइप) फ्लैट में रहने वाले दर्जनों परिवारों ने झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य गणेश महाली और पूर्व वार्ड पार्षद रंजन सिंह के नेतृत्व में झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को रांची में एक ज्ञापन सौंपा.
निवासियों का आरोप है कि उन्हें वर्षों से बसे इस आवासीय परिसर से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है. रंजन सिंह ने मंत्री को बताया कि ये परिवार कई दशकों से यहां रह रहे हैं और झारखंड राज्य आवास बोर्ड को नियमित भाड़ा देते आ रहे हैं. 2011 और 2013 में आवास बोर्ड ने इन फ्लैटों को भाड़ा सह क्रय आधार पर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन बोर्ड की उदासीनता के कारण यह प्रक्रिया अधूरी रह गई.
बेघर करने की सोची-समझी साजिश
हालांकि, 2020 में संयुक्त सचिव के एक पत्र के आधार पर इन फ्लैटों को "पुराने एवं जर्जर" घोषित करने के लिए सर्वे शुरू किया गया, जबकि कुछ साल पहले इन्हें आवंटन योग्य बताया गया था. निवासियों का कहना है कि यह सर्वे उन्हें बेघर करने की सोची-समझी साजिश है.
फ्लैटवासी परिवारों ने सरकार से मांग की है कि इस सर्वे पर तुरंत रोक लगाई जाए और पहले से तय नियमों के अनुसार इन आवासों का वैध आवंटन किया जाए. उनका कहना है कि विस्थापन का भय परिवारों में दहशत फैला रहा है और सरकार से न्याय की उम्मीद ही उनकी आखिरी आस है.