स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देना
बैठक में स्टार रैंकिंग प्रणाली की भी समीक्षा की गई। निदेशक ने बताया कि 90 से 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को पांच सितारा, 75 से 89 प्रतिशत अंक वाले विद्यालयों को चार सितारा, तथा 51 से 74 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को तीन सितारा रेटिंग दी जाती है। उन्होंने कहा कि रैंकिंग का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली, जलापूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देना है।
भागीदारी दिखाते हुए सराहनीय प्रदर्शन किया
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत प्रदेशभर के विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, पृथक शौचालय, स्वच्छता व्यवहार, हाथ धोने की सुविधाएँ, पर्यावरण संरक्षण, और जलवायु परिवर्तन से संबंधित गतिविधियाँ प्राथमिकता से लागू की जा रही हैं। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और इनसिनरेटर भी लगाए गए हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद व यूनिसेफ के सहयोग से राज्य के विद्यालयों में ईको क्लबों का गठन कर छात्रों को पर्यावरण जागरूकता से जोड़ा जा रहा है। राज्यभर के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों ने इस पहल में सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए सराहनीय प्रदर्शन किया है।