Jamshedpur: टाटा स्टील की सौ प्रतिशत स्वामित्व वाली इकाई टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) के प्रबंध निदेशक ऋतुराज सिन्हा का अंतिम संस्कार मंगलवार को संपन्न हुआ। 58 वर्षीय सिन्हा का निधन रविवार को अचानक हो गया था। घर पर उनकी नाक से रक्तस्राव होने पर परिवारजन उन्हें तुरंत टीएमएच ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके देहांत की खबर फैलते ही कॉरपोरेट जगत से लेकर जमशेदपुर शहर तक शोक की लहर दौड़ गई।
ऋतुराज सिन्हा की अंतिम यात्रा निकली गई
परिवार के सदस्यों के एकत्र होने के बाद मंगलवार सुबह उनके बिष्टुपुर नार्दर्न टाउन स्थित आवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। इससे पहले सुबह 10 बजे से आम लोगों के दर्शनार्थ उनके पार्थिव शरीर को रखा गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे।
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदर रामम, वीपी प्रोबाल घोष, पूर्व वीपी राजीव कुमार, टाटा स्टील के एमडी टी.वी. नरेंद्रन की पत्नी रुचि नरेंद्रन, टाटा स्टील तथा टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन प्रतिनिधि और समाज के अनेक वर्गों से लोग अंतिम दर्शन के लिए उपस्थित थे। पूरे परिसर में भीड़ उमड़ पड़ी थी।
हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
उनकी अंतिम यात्रा एक खुले वाहन में निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में लोग साथ चलते रहे। यात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंची, जहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। वातावरण शोकाकुल था। हर किसी की आंखों में आंसू थे और सभी उनकी अचानक हुई मृत्यु पर दुख व्यक्त कर रहे थे।
ऋतुराज सिन्हा अपनी सादगी, कार्यशैली और शहर के विकास में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के कारण हमेशा जमशेदपुर के लोगों की स्मृतियों में बने रहेंगे।