Deoghar: बिहार के चर्चित नेता आशुतोष कुमार के भाई मनीष कुमार की सड़क हादसे में हुई मौत ने सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।दरअसल मंगलवार की देर रात चर्चित नेता आशुतोष कुमार के भाई मनीष कुमार किसी काम से बाजला चौक पर खड़े थे। इसी दरमियान कुछ मनचलों ने एसयूवी गाड़ी से उन्हें जोरदार टक्कर मारा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
अपने समाज के नेता के रूप में काम कर रहे हैं
घटना के बाद परिजन या आरोप लगा रहे हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा नेता राहुल चंद्रवंशी और उनके सहयोगियों ने इस घटना को अंजाम दिया है।मनीष कुमार के भाई व बिहार के चर्चित नेता आशुतोष कुमार ने कहा कि वह खुद भी एक राजनीतिक शख्स है और अपने समाज के नेता के रूप में काम कर रहे हैं।
उन्होंने हेमंत सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।संबंधित थाने की पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपी अपने आप को सरकार का आदमी कह कर खुद को बचाने का प्रयास कर रहा है।
रौंदने का काम किया। जिससे उनकी मौत हो गई
वही चर्चित नेता आशुतोष कुमार के समर्थक गौतम ने कहा कि मनीष कुमार उन्हीं के परिवार के स्कूल में देवघर में काम करते थे, वह बहुत ही सहज स्वभाव के थे और उनकी किसी से भी दुश्मनी नहीं थी। लेकिन शराब के नशे में कुछ मनचलों ने उन्हें गाड़ी से रौंदने का काम किया। जिससे उनकी मौत हो गई।
हत्यारे को सजा नहीं मिलेगी तब तक वह न्यायालय से न्याय का गुहार लगाते रहेंगे
बिहार के चर्चित नेता आशुतोष कुमार ने कहा कि जब हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन गांडेय विधानसभा से उपचुनाव लड़ रही थी, तो उस वक्त वह अपने समाज का वोट मांगने के लिए प्रचार प्रसार भी किए थे। लेकिन इसके बावजूद भी उनके साथ जिस तरह से वर्तमान में व्यवहार हो रहा है वह सरकार के कार्य प्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है। आशुतोष कुमार ने कहा कि वह न्याय के लिए अंतिम दिन तक लड़ते रहेंगे और जब तक उनके भाई की हत्यारे को सजा नहीं मिलेगी तब तक वह न्यायालय से न्याय का गुहार लगाते रहेंगे।