Ranchi News: रांची के रिम्स में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है. लगातार चार दिनों से ओपीडी पंजीकरण पूरी तरह ठप है. पंजीकरण काउंटरों पर लगाए गए प्रिंटरों की स्याही खत्म हो गई है और विभाग अभी तक नई इंक कार्ट्रिज उपलब्ध नहीं करा पाया है. इस वजह से रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचकर भी पर्ची नहीं बनवा पा रहे हैं.
पंजीकरण बंद होने से अस्पताल के बाहर लंबी कतार
पंजीकरण बंद होने से अस्पताल के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं. कई मरीज घंटे भर इंतजार के बाद भी पर्ची नहीं मिलने पर बिना डॉक्टर से दिखाए ही लौट रहे हैं. ग्रामीण इलाकों और दूर परगनियों से आने वाले मरीजों ने कहा कि रिम्स जैसा बड़ा संस्थान जब साधारण स्याही की व्यवस्था भी नहीं कर पाता है तो यह अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही दिखाता है.
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि प्रिंटर की स्याही खत्म होने के बाद इसकी जानकारी विभाग को दे दी गई थी, लेकिन नए कार्ट्रिज अब तक नहीं भेजे गए हैं. बिना पंजीकरण पर्ची के डॉक्टर मरीजों को नहीं देख पा रहे हैं और इसका सीधा असर रिम्स की पूरी ओपीडी व्यवस्था पर पड़ रहा है. हर दिन बड़ी संख्या में मरीज लौटने को मजबूर हैं.
चार दिनों से चल रही यह स्थिति रिम्स की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है. मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से तुरंत व्यवस्था सुधारने और बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि इलाज में अनावश्यक बाधा न हो.
प्रबंधन बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता तक समय पर नहीं सुनिश्चित कर पा रहा
रिम्स में ओपीडी पंजीकरण का चार दिनों तक ठप रहना दिखाता है कि प्रबंधन बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता तक समय पर नहीं सुनिश्चित कर पा रहा है. साधारण स्याही की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं का रुक जाना किसी भी बड़े सरकारी अस्पताल के लिए बेहद चिंताजनक है. यह घटना बताती है कि सिस्टम में समन्वय की कमी, जवाबदेही की कमी और निगरानी की कमी कितनी गहरी है. मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाना जरूरी है.