Jharkhand News: झारखंड में शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ACB ने पूर्व उत्पाद आयुक्त और पूर्व प्रबंध निदेशक झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड अमित कुमार से चौथे दिन भी पूछताछ की. अमित कुमार फिलहाल वाणिज्यकर विभाग में आयुक्त के पद पर हैं. ACB ने उन्हें इसलिए बुलाया क्योंकि पहले दिए गए उनके जवाब जांच अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगे थे.
बुधवार को फिर से होगी पूछताछ
मंगलवार को भी उनसे सवाल पूछे गए थे. अधिकारियों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर साफ जवाब नहीं मिलने के कारण एक और राउंड की पूछताछ जरूरी थी. इसी वजह से बुधवार को फिर से उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया गया जहां विस्तृत पूछताछ की गई.
ब्लैकलिस्ट एजेंसियों को झारखंड में काम करने की अनुमति कैसे?
पूरे मामले में मई 2022 में लागू की गई राज्य की उत्पाद नीति जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है. एसीबी यह समझने की कोशिश कर रही है कि छत्तीसगढ़ की वे प्लेसमेंट एजेंसियां और शराब कारोबारी जिन्हें वहां ब्लैकलिस्ट किया गया था, उन्हें झारखंड में काम करने की अनुमति कैसे मिल गई. यह भी सवाल खड़ा हुआ है कि उन कंपनियों को राज्य के शराब कारोबार में क्यों शामिल किया गया जिन पर बाद में घोटाले के गंभीर आरोप लगे.
एसीबी अधिकारियों का ध्यान इन्हीं बिंदुओं पर केंद्रित है और अब तक उन्हें मिले जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हैं. जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई तय करने से पहले पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है.
राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल
इस मामले में लगातार पूछताछ यह संकेत देती है कि शराब घोटाले से जुड़ी फाइलें और निर्णय उच्च स्तर पर लिए गए थे और उन पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उत्पाद नीति 2022 को लेकर जो अनियमितताएं सामने आई हैं, वे राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल छोड़ती हैं. एसीबी जिस तरह लगातार जवाब मांग रही है, उससे साफ है कि जांच सिर्फ सतही नहीं बल्कि गहराई तक जाएगी. यह मामला आगे और बड़े खुलासे कर सकता है और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर महत्वपूर्ण बहस खड़ी कर सकता है.