Jharkhand News: हजारीबाग वन भूमि घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में नामजद ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह को रांची एसीबी कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. बुधवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई लेकिन ACB की ओर से केस डायरी प्रस्तुत नहीं करने के कारण अदालत ने जमानत याचिका पर निर्णय टाल दिया और अगली तिथि निर्धारित कर दी.
स्निग्धा सिंह ने दाखिल की है अग्रिम जमानत की अर्जी
जिस मामले में स्निग्धा सिंह ने अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है उसका एफआईआर नंबर 20/2025 है. इस मामले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे, उनकी पत्नी स्वप्न संचिता, नेक्सजेन कंपनी के मालिक विनय सिंह, विनय चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी, उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी और विनय चौबे के ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी को आरोपी बनाया गया है. सभी पर आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और उस संपत्ति को निवेश के रूप में उपयोग करने में एक दूसरे की सहायता की.
ACB की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सभी आरोपियों की संपत्ति और निवेश उनके घोषित आय स्रोतों से मेल नहीं खाते. जांच एजेंसी का मानना है कि आरोप गंभीर हैं, इसलिए केस डायरी के बिना किसी भी तरह की राहत देना उचित नहीं होगा.
केस डायरी और ACB की विस्तृत रिपोर्ट पर निर्भर करेगी आगे की कार्रवाई
कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत पर तत्काल राहत न देना यह दर्शाता है कि जांच अभी शुरुआती और संवेदनशील चरण में है. केस डायरी पेश न होने से अदालत ने सावधानी बरतते हुए सुनवाई टालना ही सही कदम माना. आरोपियों की विस्तृत सूची और उनके बीच संबंध यह संकेत देते हैं कि मामला सिर्फ आय से अधिक संपत्ति तक सीमित नहीं बल्कि संभावित नेटवर्क आधारित आर्थिक अपराध का रूप भी ले सकता है. आगे की कार्रवाई केस डायरी और एसीबी की विस्तृत रिपोर्ट पर निर्भर करेगी.