सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी
धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरिया क्षेत्र अंग्रेजों के जमाने से ही महत्वपूर्ण रहा है और यह जिला बनने की सभी अहर्ताएं पूरी करता है। फिर भी केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से लगातार धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी।
प्रशासनिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी
त्रिभुवन मंडल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि सरिया अनुमंडल क्षेत्र में पर्याप्त जनसंख्या, भौगोलिक विस्तार, आर्थिक क्षमता और विकास की संभावनाएं मौजूद हैं। यहां रेलवे स्टेशन, सड़क संपर्क और प्राकृतिक संसाधन हैं, जो एक स्वतंत्र जिले के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा सरिया से गिरिडीह जिला मुख्यालय की दूरी 72 किमी है जबकि इसी प्रखंड के गरमुंडो गांव से गिरिडीह की दूरी 100 किमी है।"सरिया को जिला बनाने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
समय से इस मांग को लेकर संघर्ष
सरकार की उपेक्षा से यहां के लोग विकास से वंचित हैं।"धरना के बाद एक ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया, जिसमें सरिया को जल्द से जल्द जिला बनाने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।स्थानीय लोग लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
दास समेत सैकड़ों लोग शामिल
सरिया को जिला बनाए जाने से गिरिडीह जिले के इस हिस्से में विकास की गति बढ़ेगी और प्रशासनिक सुविधाओं में सुधार होगा। फिलहाल, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।मौके पर शंकर मंडल,रफीक अंसारी,मौलाना मुख्तार,राजू मंडल,गिरधारी पासवान,दीपक मंडल, अशोक मंडल,राजेश मंडल,सेवा दास समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।