कंपनियों को टेंडर की शर्तें पूरी
एसीबी की जांच में यह भी पता चला है कि झारखंड में देसी शराब की आपूर्ति करने वाली मुख्य तीन कंपनियां मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी, ओम साईं बेवरेज, और दीशिता वेंचर्स थीं। इन कंपनियों को टेंडर की शर्तें पूरी किए बिना ही कार्य दिया गया था।
करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान
मुख्य आरोपी विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ मॉडल को झारखंड में लागू कराने के लिए साजिश रची और संबंधित कंपनियों के माध्यम से कमीशन की वसूली की। इस घोटाले के चलते राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है।
शराब की दुकानों पर लोकप्रिय ब्रांड उपलब्ध नहीं होते थे
एसीबी के मुताबिक, शराब के होलसेल सप्लायर मेसर्स ओम साई बेवरेज और दीशिता वेंचर्स केवल उन्हीं ब्रांडों को खरीदते थे, जो अधिक कमीशन देते थे, जिसके कारण झारखंड की शराब की दुकानों पर लोकप्रिय ब्रांड उपलब्ध नहीं होते थे।
लेनदेन के सबूत हासिल किए जा सकें
एसीबी ने बताया कि मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी ने अप्रैल से मई 2022 के बीच झारखंड में 12,000 पेटी शराब की आपूर्ति की थी, जिसके बदले अवैध कमीशन वसूला गया। जांच अब संबंधित कंपनियों और उत्पाद ट्रेल की तरफ बढ़ रही है, ताकि विभागीय अधिकारियों के बीच पैसे के लेनदेन के सबूत हासिल किए जा सकें।