Adityapur News: आदित्यपुर में आवास बोर्ड द्वारा बनाई गई ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के 216 परिवारों को मालिकाना हक देने की मांग फिर से जोर पकड़ रही है. दिवंगत पार्षद राजमणि देवी के पुत्र मनमोहन सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलकात की और किराया खरीद समझौते (Hire Purchase Agreement) के तहत अधिकार देने की मांग की.
आवासों में 45 साल से रह रहे परिवार
मनमोहन सिंह ने बताया कि 1980 में आवंटित इन आवासों में 45 साल से परिवार रह रहे हैं, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिला. जबकि इसी क्षेत्र के एस-टाइप, आई-टाइप, आर-टाइप और ओल्ड एम-टाइप के लाभुकों को Hire Purchase Agreement के तहत मालिकाना हक दिया जा चुका है. विभागीय मंत्री ने पहले ही कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। अब विभाग ने अचानक सर्वे शुरू कर दिया है, जिससे भय और असमंजस है.
वहीं, स्थानीय अखबारों में प्रकाशित एक खबर में यह दावा किया गया है कि लाभुकों पर एक सप्ताह में 5.50 लाख रुपये की देनदारी नोटिस जारी की गई है, हालांकि कॉलोनी के किसी परिवार को ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है.
216 परिवार गरीब और अल्प आय वर्ग से आते हैं
मनमोहन सिंह ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के 216 परिवार गरीब और अल्प आय वर्ग से आते हैं, जो नए पुनर्विकास मॉडल की भारी लागत वहन करने में सक्षम नहीं हैं. उन्होंने मांग की कि विभाग द्वारा पूर्व में किए गए आश्वासनों के अनुरूप इन परिवारों को भी Hire Purchase Agreement योजना के तहत वर्तमान आवास पर मालिकाना हक प्रदान किया जाए. उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ नीतिगत रूप से न्यायसंगत होगा, बल्कि 45 वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे हजार से अधिक लोगों को स्थायी सुरक्षा भी प्रदान करेगा.
परिजनों और स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशील निर्णय लेगी। इस अवसर पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय सदस्य काबलू महतो भी मौजूद रहे.