धनबाद/पुटकी। गुरुवार को रांची सीएमपीडीआईएल (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड) की टीम ने बीसीसीएल के पीबी एरिया में गैस रिसाव से प्रभावित केंदुआडीह, राजपूत बस्ती और आसपास के इलाकों का ड्रोन सर्वे किया। टीम ने करीब 400 वर्गमीटर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से तापमान मापन और सतह की गतिविधियों का अध्ययन किया। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने में लगभग दो सप्ताह का समय लगने की संभावना है।
जियोलॉजिस्ट भुवनेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई यह ड्रोन जांच आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे गैस रिसाव के संभावित नए स्थानों और असामान्य तापमान वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी। इन आंकड़ों के आधार पर रिसाव के सटीक बिंदुओं का निर्धारण किया जाएगा।
लगातार नौ दिनों से गैस रिसाव जारी
वर्तमान में केंदुआडीह में पिछले नौ दिनों से गैस रिसाव में कोई ठोस कमी नहीं दिख रही है। सीएमपीडीआईएल, सिंफर और आईआईटी के विशेषज्ञ लगातार स्थिति की वैज्ञानिक जांच में जुटे हुए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर बोरहोल तकनीक अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन इससे भू-धंसान या विस्फोट जैसी जोखिम भी बनी रहती है। इसी कारण इस पर फैसला विशेषज्ञों की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
भुवनेश गुप्ता ने बताया कि ड्रोन सर्वे के जरिए न केवल तापमान बल्कि प्रभावित क्षेत्र में आबादी, घरों की संख्या और सतही बदलावों का डेटा भी जुटाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी यह सर्वे दोहराया जा सकता है। फिलहाल स्थिति स्थिर है, लेकिन कोई सुधार नहीं दिख रहा। दूसरी ओर, बीसीसीएल, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार स्थल निरीक्षण कर स्थिति का आकलन कर रही हैं।
क्षेत्र में लगातार निगरानी
लगातार रिसाव के कारण स्थानीय लोग अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं। कई परिवार रात के समय घरों में नहीं ठहर रहे और सिर्फ दिन में आकर अपने घरों की स्थिति देखते हैं। इससे बीमार पड़ने वालों की संख्या में भी कमी आई है। विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इतने लंबे समय से गैस का रिसाव क्यों जारी है।
विस्थापन के खिलाफ विरोध की तैयारी
इधर पुटकी, केंदुआ, करकेंद और आसपास के निवासियों ने करकेंद की मथुरासनी धर्मशाला में बैठक कर बीसीसीएल पर गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि बीसीसीएल जानबूझकर गैस रिसाव रोकने में ढिलाई बरत रही है और जांच एजेंसियों को बुलाकर स्थानीय निवासियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है ताकि वे क्षेत्र खाली कर दें। लोगों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसा होने नहीं देंगे और बीसीसीएल को गैस नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
स्थानीय लोगों ने घोषणा की कि शनिवार को वह मशाल जुलूस निकालकर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। यदि गैस रिसाव पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को आगे तेज किया जाएगा। बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स के रणजीत मधेशिया, दीनानाथ सिंह, जाहिद, उपेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद राउत, राजेश गुप्ता, पंकज भुवानिया, मोनू पाठक, मुकेश पासवान, आनंद खंडेलवाल, मुकेश पंडित, विजय बहादुर सिंह, राहुल गुप्ता समेत कई स्थानीय लोग मौजूद थे।