Ranchi: रांची के कुख्यात अपराधी अनिल शर्मा को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने समय से पूर्व रिहाई की मांग की थी। अनिल शर्मा इस समय रांची जेल में बंद हैं और कैदी भोमा सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
उम्रकैद की सजा क्यों हुई
बता दें कि यह मामला 22 जनवरी 1999 का है। उस दिन अनिल शर्मा जो पहले से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में कैद था। उसने अन्य अपराधियों के साथ मिलकर कैदी भोमा सिंह की हत्या की थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें इस हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। अब तक वह लगभग 28 साल से जेल में हैं।
रिहाई की याचिका को अदालत ने किया खारिज
हाल ही में अनिल शर्मा ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में अपनी रिहाई की याचिका दायर की थी। उन्होंने अदालत से अपील की थी कि उनकी गंभीर दिल की बीमारी को ध्यान में रखते हुए उन्हें जेल से रिहा किया जाए। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।
समयपूर्व रिहाई उचित नहीं
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनिल शर्मा की अपराध की गंभीरता और जेल में उनके किए गए कृत्य को देखते हुए उनकी समयपूर्व रिहाई उचित नहीं होगी।
पूरी उम्र जेल में बितानी होगी
इस फैसले के बाद अब अनिल शर्मा को अपनी पूरी उम्र जेल में बितानी होगी। उनके परिवार और समर्थक इस निर्णय से निराश हैं, जबकि न्यायिक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में कानून के अनुसार कड़ा रुख अपनाना ही न्याय की दिशा में सही कदम है।
गंभीर अपराधों के प्रति कोई ढील नहीं बरती जाएगी
यह मामला न केवल रांची जेल के इतिहास में याद रखा जाएगा, बल्कि यह झारखंड के न्यायिक तंत्र की उस स्पष्ट नीति को भी दर्शाता है, जिसमें गंभीर अपराधों के प्रति कोई ढील नहीं बरती जाती है।