Jamshedpur: बंद पड़ी केबल कंपनी के कर्मचारी के पुत्र सागर तिवारी ने कहा कि केबल कंपनी को लेकर हो रही राजनीति कुछ लोगों के निजी लाभ से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि केबल बचाओ समिति का असली उद्देश्य कंपनी को बचाना नहीं, बल्कि कंपनी के क्वार्टर पर कब्जा बनाए रखना है। वास्तव में यह क्वार्टर बचाओ समिति की तरह काम कर रही है, जो कंपनी को हमेशा के लिए बंद कराने की कोशिश कर रही है ताकि लाल बाबा फाउंड्री की तरह यहां के क्वार्टर भी स्थायी रूप से उनके कब्जे में रह जाएं। यही कारण है कि ऐसे लोग अचानक सक्रिय हो गए हैं।
क्वार्टर समेत अन्य जगहों पर अवैध कब्जा
सागर तिवारी ने बताया कि सैंकड़ों ऐसे लोग भी हैं जिनके परिवार के सदस्य का रिटायरमेंट कंपनी खुली रहते ही हो चुका था और जिनका अब कंपनी से कोई बकाया भी नहीं है, फिर भी वह क्वार्टर समेत अन्य जगहों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। ऐसे लोगों को कंपनी के दोबारा खुलने से अपनी सुविधाएं और कब्जे खत्म होने का डर है। इसलिए कंपनी खुलने से पहले ही माहौल खराब करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जिनका कोई बकाया नहीं है, उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए ताकि माहौल शांत और सकारात्मक रह सके।
जमशेदपुर के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कंपनी दोबारा से खुले और जमशेदपुर के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध हो। यहां के युवाओं को नौकरी के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके लिए केबल कंपनी का शुरू होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय विधायक, सांसद और उपायुक्त से आग्रह किया है कि वह आगे आकर वेदांता कंपनी का सहयोग करें, ताकि जल्द से जल्द कंपनी को फिर से चालू किया जा सके और शहर के हजारों युवाओं को रोजगार मिल सके।”
बड़ा आंदोलन भी हो सकता
सागर तिवारी ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा, लेकिन केबल और जमशेदपुर को किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।