Ranchi News: सर्दी के मौसम में कोहरे और खराब मौसम का असर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही पर साफ दिखने लगा है. बीते कुछ दिनों से कई फ्लाइट या तो रद्द हो रही हैं या घंटों की देरी से चल रही हैं. ऐसे हालात में बड़ी संख्या में यात्रियों को मजबूरी में होटल और गेस्ट हाउस में ठहरना पड़ रहा है. इसी स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने होटल, लॉज और गेस्ट हाउस संचालकों के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं.
फ्लाइट रद्द या विलंब की स्थिति किराया नहीं बढ़ा सकेंगे
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फ्लाइट रद्द या विलंब की स्थिति का फायदा उठाकर होटल किराए में मनमानी बढ़ोतरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यात्रियों से वही किराया लिया जाएगा जो सामान्य दिनों में निर्धारित है. किसी भी तरह का विशेष या आपातकालीन चार्ज वसूलना नियमों के खिलाफ माना जाएगा.
प्रशासन ने होटल संचालकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यात्रियों के साथ सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखें. ठंड और अनिश्चितता के इस समय में यात्रियों की परेशानी को समझते हुए उनसे अतिरिक्त या छिपे हुए शुल्क की मांग न की जाए. साफ तौर पर कहा गया है कि मानवता और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं देना होटल प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
होटलों द्वारा किराया बढ़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही थी
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से भी यह जानकारी दी गई है कि दिसंबर और जनवरी के महीनों में घने कोहरे के कारण विशेष रूप से उत्तर भारत से जुड़ी उड़ानों में बार-बार बाधा आती है. इसी दौरान कुछ होटलों द्वारा किराया बढ़ाने की शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं. जिला प्रशासन ने ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को गलत और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है.
निर्देशों का उल्लंघन करने पर कानूनी होगी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले होटल और लॉज संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच के दौरान यदि किराया बढ़ाने या यात्रियों से अनुचित वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठान पर सख्त कदम उठाए जाएंगे. प्रशासन ने सभी होटल संचालकों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोपरि रखें और प्रशासन के निर्देशों का ईमानदारी से पालन करें.
प्रशासन का कदम यात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाने की दिशा में जरूरी
कोहरे के कारण उड़ानों का प्रभावित होना हर साल की मौसमी समस्या है लेकिन इसका बोझ यात्रियों पर डालना गलत है. प्रशासन का यह कदम यात्रियों को आर्थिक शोषण से बचाने की दिशा में जरूरी है. यदि निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया तो इससे न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि शहर की छवि भी बेहतर होगी.