National News: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे. इस जनसभा के मंच से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं बल्कि विचारधारा की है और देश में इस समय सत्य और शक्ति के बीच सीधा संघर्ष चल रहा है.
गृह मंत्री अमित शाह के हाथ क्यों कांप रहे थे
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें पता है कि गृह मंत्री अमित शाह के हाथ क्यों कांप रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने हित में कर रही है. उनका कहना था कि चुनाव आयोग भी इस पूरे मामले में निष्पक्ष नजर नहीं आता और सत्ता के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है.
एक राज्य के नेता दूसरे राज्य में जाकर वोट डालते हैं
इस रैली का उद्देश्य कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के मुद्दे को सामने लाना बताया गया. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ा कानून अपने फायदे के लिए बदला गया. उन्होंने कहा कि एक राज्य के नेता दूसरे राज्य में जाकर वोट डालते हैं और जब इस पर सवाल उठाए जाते हैं तो चुनाव आयोग जवाब देने से बचता है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र को बचाने और जनता को सच से अवगत कराने के लिए किया गया है.
संघ की सोच शक्ति को सर्वोपरि मानती है
रैली के दौरान राहुल गांधी ने सत्य और शक्ति की बहस को केंद्र में रखा. उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अंडमान निकोबार से जुड़े बयान का हवाला देते हुए कहा कि संघ की सोच शक्ति को सर्वोपरि मानती है. राहुल ने कहा कि इसके उलट गांधीजी और हिंदू धर्म सत्य को सर्वोच्च मानते हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि वे सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करेंगे. उनका आरोप था कि भाजपा केवल सत्ता में बने रहने के लिए काम कर रही है और चुनाव जीतने के लिए वोट चोरी जैसे हथकंडे अपना रही है.
प्रियंका ने भी साधा सरकार पर निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी मंच से केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद में अब गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता. जब विपक्ष बेरोजगारी महंगाई और पेपर लीक जैसे सवाल उठाता है तो सरकार चर्चा को भटकाने की कोशिश करती है. प्रियंका गांधी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सत्ताधारी दल में हिम्मत है तो वह बैलेट पेपर से चुनाव कराकर देखे, तब जनता को सच और परिणाम दोनों साफ नजर आ जाएंगे.
चुनाव आयोग और मतदान व्यवस्था को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी
रामलीला मैदान की इस रैली के जरिए कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सीधे सवाल खड़े किए हैं. राहुल और प्रियंका गांधी के बयानों से साफ है कि पार्टी आने वाले समय में चुनाव आयोग और मतदान व्यवस्था को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है. यह रैली कांग्रेस की रणनीति का संकेत देती है, जिसमें वह विचारधारा सत्य और लोकतंत्र को केंद्र में रखकर सत्ता के खिलाफ जनमत बनाने की कोशिश कर रही है.