Health: जैसे-जैसे मौसम बदलता है और सर्दी का प्रकोप बढ़ता है, वैसे-वैसे वायरल फीवर, सर्दी और जुकाम जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ठंड और तापमान में अचानक होने वाले बदलाव हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। ऐसे में खुद को बीमारियों से बचाने के लिए सही खान-पान और जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है।
सर्दी से बचाव के लिए ज़रूरी उपाय
बदलते मौसम में बीमारियों से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें गर्म कपड़े सही से पहनें: शरीर को पर्याप्त गर्म रखें। केवल हल्के नहीं, बल्कि ऊनी और फुल-बॉडी कवरिंग वाले कपड़े पहनें, खासकर रात में। सिर, कान और गले को ढकना न भूलें। हाथों की सफाई कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बार-बार हाथ धोएं। बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें।
ठंडे खाद्य पदार्थों से बचें
फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम खाने से बचें। हमेशा गुनगुना पानी या सामान्य तापमान का पानी ही पिएं। पर्याप्त आराम और नींद शरीर को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लें।
व्यायाम का महत्व
नियमित रूप से हल्का व्यायाम या योग करें। ठंड में भी 15-20 मिनट की सुबह की धूप (Vitamin D के लिए) लेना फायदेमंद होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला आहार सर्दी के मौसम में अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ विटामिन-सी युक्त फल: संतरा, आंवला, नींबू, कीवी और अमरूद का सेवन करें। विटामिन-सी सफ़ेद रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) के उत्पादन को बढ़ाता है। हल्दी और अदरक: हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क) पिएं और अदरक की चाय या काढ़ा बनाकर लें। ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। तुलसी के पत्ते चबाना या तुलसी का काढ़ा पीना सर्दी-जुकाम और गले की खराश में तुरंत राहत देता है।
गर्म और पौष्टिक आहार
पालक, मेथी, सरसों का साग, गाजर और चुकंदर खाएं। ये आयरन, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें। गुड़ शरीर को गर्मी देता है और पाचन में भी सहायक है। बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश का सेवन करें। ये शरीर को तुरंत ऊर्जा और आवश्यक वसा (Healthy Fats) प्रदान करते हैं।
गर्म पेय पदार्थ
सूप, शोरबा और हर्बल चाय (अदरक, दालचीनी, लौंग) का सेवन करें। हाइड्रेटेड रहना भी है ज़रूरी ठंड में प्यास कम लगती है, फिर भी गुनगुना पानी पर्याप्त मात्रा में पीते रहें। हाइड्रेटेड रहने से बलगम पतला होता है और गले की नमी बनी रहती है। वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के घरेलू उपाय अगर आप सर्दी-जुकाम या वायरल फीवर की चपेट में आ गए हैं, तो इन घरेलू नुस्खों से राहत पा सकते हैं।
तुलसी और लौंग का काढ़ा
एक लीटर पानी में 20-25 तुलसी के पत्ते और 3-5 लौंग कूटकर उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर पीएं। यह बुखार, गले की खराश और कफ में आराम देता है। गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से सर्दी और खांसी में आराम मिलता है। बुखार या जुकाम होने पर शरीर को आराम दें। हल्का, सुपाच्य और गर्म भोजन जैसे खिचड़ी या दलिया ही खाएं।
लोगों के लिए ज़रूरी सूचना
यदि बुखार लंबे समय तक बना रहता है, या सर्दी-जुकाम गंभीर हो जाता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और आवश्यक टेस्ट करवाएं। खुद से दवा लेने से बचें।