Noida Accident News: यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के बीच एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार वाहनों की आपसी टक्कर के बाद कई गाड़ियों में आग लग गई. यह दुर्घटना आगरा से नोएडा की ओर जाने वाली लेन में हुई, जहां दृश्यता बेहद कम थी. हादसे में सात बसें और दो कारें आग की चपेट में आ गईं. इस दर्दनाक घटना में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो दर्जन से अधिक घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
कई वाहन जलकर खाक
हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के खड़ेहरा गांव के पास माइल स्टोन संख्या 125 के नजदीक हुआ. कोहरे के कारण आगे चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग सका और एक के बाद एक कई वाहन टकराते चले गए. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों में आग फैल गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए. बसों के अंदर बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई और चीख पुकार का माहौल बन गया.
यात्रिओं ने कूद कर बचाई अपनी जान
आग लगते ही कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई लोग वाहनों के भीतर ही फंस गए. आग की लपटों ने बसों और कारों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया. सूचना मिलने के बाद दमकल की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
आगरा से नोएडा की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह बाधित
हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. क्रेन की मदद से जली और क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटाया गया, जिसके बाद धीरे धीरे यातायात बहाल किया गया. घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस के जरिए अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
13 लोगों की मौत की पुष्टि
प्रशासन की ओर से 13 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. अब तक तीन मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें प्रयागराज और आजमगढ़ के निवासी शामिल हैं. बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.
घने कोहरे में तेज रफ्तार और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर
यह हादसा घने कोहरे में तेज रफ्तार और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है. लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि कोहरे के समय गति नियंत्रण, चेतावनी सिस्टम और ट्रैफिक मॉनिटरिंग को लेकर ठोस व्यवस्था कब लागू होगी. जब तक दृश्यता के अनुसार सख्त ट्रैफिक नियंत्रण नहीं होगा, ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता.