Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे तीन युवकों को पुलिस ने हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम मो. वाजिद, मो. राज और मो. समीर हैं. तीनों को संजय नगर नाला के पास से पकड़ा गया है. इनके पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा गोली और एक धारदार लोहे का चापड़ बरामद किया गया है.
गुप्त सुचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बागबेड़ा थाना क्षेत्र के संजय नगर नाला के पास कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग एकजुट होकर बैठे हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई. निर्देश मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और मौके पर छापेमारी की गई.
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक लोहे का धारदार चापड़ बरामद हुआ. पुलिस ने सभी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की.
बरामद चापड़ से हुआ था निरंजन दास पर हमला
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक दिन पहले संजय नगर इलाके में निरंजन दास नामक व्यक्ति पर इसी धारदार चापड़ से हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था. इसके अलावा मो वाजिद ने यह भी कबूल किया कि कुछ महीने पहले बिष्टूपुर इलाके में खाओ गली के पास अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था.
तीनों आरोपी परसुडीह के रहने वाले है
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मो. वाजिद उम्र 20 वर्ष, मो. राज उम्र 19 वर्ष और मो. समीर उम्र 20 वर्ष शामिल हैं. तीनों परसुडीह थाना क्षेत्र के अलग अलग इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस के अनुसार इन सभी का आपराधिक इतिहास रहा है और इससे पहले भी ये हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं.
छापामारी दल
गोपाल कृष्ण यादव, जनार्दन सिंह, नीरा तिग्गा, बैजनाथ यादव और तेजु राम शामिल थे. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनके साथ और कौन कौन लोग जुड़े हुए हैं.
क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियां जारी
बागबेड़ा इलाके में हथियारों के साथ अपराधियों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों की साजिशें लगातार रची जा रही हैं. समय रहते पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ी वारदात टल गई. हालांकि आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को देखते हुए यह साफ है कि कानून व्यवस्था के लिए ऐसे गिरोह अभी भी चुनौती बने हुए हैं.