Jharkhand News: झारखंड के सारंडा में सक्रिय और विस्फोटक लूटकांड समेत कई गंभीर वारदातों में शामिल एक नाबालिग नक्सली ने गुरुवार को राउरकेला पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया. एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीआईजी बृजेश राय और एसपी नितेश वाधबानी की मौजूदगी में नाबालिग ने कार्बाइन सौंपते हुए हथियार डाल दिए. सरेंडर करने वाला नाबालिग पश्चिमी सिंहभूम जिले के जामदा का रहने वाला है और दक्षिण छोटानागरा डिवीजन से जुड़ा हुआ था.
कोल्हान के घने जंगलों में सक्रिय रहा
डीआईजी बृजेश राय ने बताया कि वर्ष 2022 में महज 12 साल की उम्र में यह नाबालिग नक्सली संगठन से जुड़ गया था. रप्पा और गंगा के प्रभाव में आकर उसने 15 लाख के इनामी आरसीएम सदस्य मोछू उर्फ मेहतन उर्फ विभीषण उर्फ कम्बा मुर्मू के दस्ते में प्रवेश किया. मोछू के दस्ते के साथ रहते हुए वह सारंडा के बालिबा, तिरिलपोसी, लाईलोर, जमनडीह और जोजोडेरा समेत कोल्हान के घने जंगलों में सक्रिय रहा.
नाबालिग पर कई मामले है दर्ज
पुलिस के अनुसार सरेंडर करने वाला नाबालिग केबलांग थाना क्षेत्र के बांको पत्थर खदान से विस्फोटक लूट की घटना और केबलांग इलाके में रेल ट्रैक उड़ाने जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ केबलांग थाना में तीन और बंडामुंडा जीआरपी में एक आपराधिक मामला दर्ज है. पुलिस ने बताया कि सारंडा के जंगलों में अब भी कई इनामी नक्सली सक्रिय हैं और उनके खिलाफ अभियान लगातार जारी है.
नक्सली संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है?
नाबालिग का सरेंडर नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे अभियान और पुनर्वास नीति की प्रभावशीलता को दर्शाता है. कम उम्र में हथियार उठाने की यह कहानी नक्सल संगठन की रणनीति और सामाजिक कमजोरियों को उजागर करती है. साथ ही यह घटना इस ओर भी इशारा करती है कि लगातार दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के चलते नक्सली संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर सरेंडर के रूप में सामने आ रहा है.