सघन जांच अभियान चलाया
मिली जानकारी के अनुसार आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि साहिबगंज–बरहरवा रेलखंड के रास्ते प्रतिबंधित कछुआ की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर आरपीएफ जवानों को अलर्ट मोड में रखा गया था और ट्रेनों में विशेष निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में 15734 डाउन फरक्का एक्सप्रेस के साहिबगंज से खुलते ही ट्रेन में सवार तीन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुई। ट्रेन गश्ती के दौरान जवान लगातार संदिग्धों पर नजर बनाए हुए थे जैसे ही ट्रेन तालझारी स्टेशन के समीप पहुंची, आरपीएफ टीम ने सघन जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान कुल 22 बैग बरामद किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में जीवित कछुए रखे हुए थे। कछुओं का आकार छोटे से लेकर काफी बड़े तक पाया गया है, जिससे स्पष्ट है कि यह तस्करी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी ।
पत्रकट के रूप में की गई
बरामद सभी बैगों को बरहरवा रेलवे स्टेशन पर उतारकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल कछुओं की कुल संख्या की गिनती नहीं हो सकी है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला निवासी करण पत्रकट, कुसमा पत्रकट एवं मंजू पत्रकट के रूप में की गई है।
उनका सुरक्षित संरक्षण किया जा सके
पुलिस के द्वारा प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बनारस से कछुआ खरीदकर पश्चिम बंगाल के फरक्का ले जा रहे थे, जहां इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी। वही पुलिस आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही बरामद सभी कछुओं को वन विभाग से समन्वय स्थापित कर विभाग को सौंपा जाएगा ताकि उनका सुरक्षित संरक्षण किया जा सके।