Jamshedpur: टाटा स्टील को जमशेदपुर स्थित सीजीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज आयुक्त कार्यालय की ओर से कुल 1132.18 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया गया है। इस राशि में 493.35 करोड़ रुपये जीएसटी और 638.83 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में शामिल हैं।
कंपनी ने इस नोटिस की जानकारी अपने नियामकीय फाइलिंग के माध्यम से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी है।
रांची स्थित सेंट्रल टैक्स आयुक्त (ऑडिट) द्वारा भेजे गए इस शो-कॉज नोटिस में आरोप लगाया गया है कि टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2022-23 के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत उपयोग किया है।
नोटिस में कंपनी से 1007.55 करोड़ रुपये के जीएसटी उस पर लागू ब्याज और जीएसटी कानून के तहत जुर्माना चुकाने को कहा गया था। हालांकि टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि सामान्य कारोबारी गतिविधियों के तहत वह पहले ही 514.19 करोड़ रुपये का जीएसटी भुगतान कर चुकी है। इसके बाद कंपनी पर शेष जीएसटी देनदारी 493.35 करोड़ रुपये रह जाती है।
कंपनी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखते हुए विस्तृत जवाब और दलीलें संबंधित प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की थीं। इसके बावजूद 18 दिसंबर को आयुक्त ने टैक्स, जुर्माना और लागू ब्याज का भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया, जिसकी सूचना कंपनी को उसी दिन प्राप्त हुई।
टाटा स्टील का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाबों और तथ्यों पर उचित रूप से विचार नहीं किया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह नियत समय के भीतर अपील प्राधिकरण (Appellate Authority) के समक्ष इस आदेश को चुनौती देगी और अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।