Jharkhand: जमशेदपुर के चांडिल स्थित बंसा गांव में झारखंड राज्य का पहला 400 मेगावाट क्षमता वाला पावर ग्रिड बनने की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में वर्तमान में केवल 220 मेगावाट क्षमता का पावर ग्रिड है, लेकिन इस नये ग्रिड के साथ कोल्हान के तीन जिलों के लगभग सात लाख उपभोक्ताओं को उनकी बिजली डिमांड के अनुसार स्थायी और भरोसेमंद आपूर्ति मिल सकेगी।
तीन-चार एकड़ जमीन का अधिग्रहण शीघ्र
ग्रिड के निर्माण के लिए अब तक 24 एकड़ चिह्नित जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है, जबकि कुल मिलाकर करीब 27 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। शेष तीन-चार एकड़ जमीन का अधिग्रहण शीघ्र पूरा किया जाएगा।
200 हाई टेंशन पोल लगाए जाएंगे
इस प्रोजेक्ट का कार्य चेन्नई स्थित अरविंदा इलेक्ट्रिकल और अन्य कंपनी के ज्वाइंट वेंचर द्वारा आगामी डेढ़ वर्ष के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इस ग्रिड के लिए 65 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी, जिसमें लगभग 200 हाई टेंशन पोल लगाए जाएंगे।
आपूर्ति का 85% हिस्सा प्रदान करेगा
नई बिजली आपूर्ति की मुख्य स्रोत पतरातू थर्मल पावर प्लांट होगा, जो रामगढ़ में स्थित है। यह पावर प्लांट एनटीपीसी और जेबीवीएनएल के संयुक्त प्रयास से विकसित किया जा रहा है और इसकी कुल क्षमता 4000 मेगावाट होगी। इसका पहला चरण नवंबर 2025 में चालू हो चुका है और बाकी इकाइयां 2026 के अंत तक पूरी हो जाएंगी। यह पावर प्लांट झारखंड की बिजली आपूर्ति का 85% हिस्सा प्रदान करेगा।
भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराएगी
मल्लिक प्रसाद यादव, जीएम, झारखंड ऊर्जा संवरण निगम लिमिटेड ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी और उपभोक्ताओं को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराएगी।