Jamshedpur: सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को समर्पित करते हुए रंगरेटा महासभा की ओर से 28 एवं 29 दिसंबर को एग्रीको मैदान में दो दिवसीय भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पंजाब, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली से बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की संभावना है।
देश-विदेश से विद्वान रागी और कथा वाचक होंगे शामिल
इस धार्मिक समागम में दिल्ली के ऐतिहासिक रकाब गंज गुरुद्वारा के प्रसिद्ध कथा वाचक ज्ञानी मंजीत सिंह, बटाला से दरबार साहिब से जुड़े कीर्तन जत्थे के भाई सुखविंदर सिंह तथा अमृतसर के टाढ़ी जत्थे की प्रमुख बीबी राजवंत कौर खालसा संगत को सिख गुरुओं की महान कुर्बानियों और इतिहास से रूबरू कराएंगे।
गुरु का अटूट लंगर रहेगा आकर्षण
बिष्टुपुर स्थित एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रंगरेटा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह गिल ने बताया कि आयोजन के दोनों दिनों में गुरु का अटूट लंगर एग्रीको मैदान में संगत के लिए लगातार बरताया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह रंगरेटा महासभा का सातवां वार्षिक समागम है, जिसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
शहीद बाबा जीवन सिंह व साहबजादों को समर्पित आयोजन
मंजीत सिंह गिल ने कहा कि शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह और चार साहबजादों के शहीदी दिवस को सफल बनाने के लिए घर-घर जाकर बाबा जीवन सिंह के जीवन और बलिदान से संबंधित साहित्य वितरित किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी उनके बलिदान से परिचित हो सके।
6 दिसंबर से होगी धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत
धार्मिक समागम की शुरुआत 26 दिसंबर की सुबह आठ बजे नामदा बस्ती गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ के साथ होगी। इसका समापन 28 दिसंबर की सुबह होगा, जिसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में पालकी साहिब के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा नामदा बस्ती से टिनप्लेट होते हुए गोलमुरी चौक के रास्ते एग्रीको मैदान पहुंचेगी, जहां गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश होगा। समागम के दौरान सुबह और शाम कीर्तन दरबार सजेंगे।
प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, विधायक पूर्णिमा साहू, समाजसेविका कमल कौर दुग्गल, पटना तख्त प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगजोत सिंह सोही और पंजाब से पूर्व विधायक इंदर सिंह अटवाल सहित कई प्रमुख धार्मिक व सामाजिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।