Jharkhand: यह सच है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, यदि हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो, तो मंज़िल जरूर मिलती है। इस सच्चाई को जीवंत उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है हजारीबाग की आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र की उभरती हुई महिला खिलाड़ी अनुष्का कुमारी ने।
अनुष्का को राष्ट्रपति बाल पुरस्कार से नवाज़ा
अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर अनुष्का को राष्ट्रपति बाल पुरस्कार से नवाज़ा गया है। यह उपलब्धि केवल अनुष्का की नहीं, बल्कि पूरे हजारीबाग जिले और झारखंड राज्य के लिए गौरव का विषय है।
अनुष्का की सफलता के पीछे संघर्षों की एक लंबी कहानी छिपी है, जो किसी को भी भावुक कर देगी। वह रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित मुंडा टोली गांव की निवासी हैं। उनके पिता, दिलेश मुंडा, गंभीर बीमारी के कारण लंबे समय से काम करने में असमर्थ हैं।
ऐसे में परिवार की पूरी ज़िम्मेदारी उनकी मां ने संभाल रखी है, जो खेती करने के साथ-साथ सब्जियां बेचकर घर का खर्च चलाती हैं। कच्चे मकान में रहने वाले इस परिवार में अनुष्का अपने दो भाइयों और एक बहन के बीच दूसरी संतान हैं।
सभी बच्चों के लिए प्रेरणा
संसाधनों की कमी और जीवन की कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। अनुष्का की यह उपलब्धि उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।