Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध से जुड़े पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. एक महिला को इसी विवाद को लेकर उसके साथ बेरहमी से पिटाई की गई और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया. महिला का कहना है कि उसके बेटे और पड़ोसी की बेटी के प्रेम संबंध के बाद से ही रंजिश चल रही थी, जो अब खुले हमले में बदल गई.
चार महीने पुराना प्रेम संबंध विवाद
पीड़िता बबिता देवी का कहना है कि करीब चार महीने पहले उसके बेटे और संतोष तिवारी की बेटी के बीच प्रेम संबंध था. दोनों की उम्र 18 वर्ष बताई गई है. दोनों घर से चले गए थे, जिसके बाद यह मामला जुगसलाई थाना तक पहुंचा और केस दर्ज हुआ.
अपहरण का आरोप और अदालत तक मामला
महिला का आरोप है कि इस पूरे मामले में उस पर लड़की के अपहरण का आरोप लगाया गया. बबिता देवी का कहना है कि जब अपहरण का आरोप लगा, उस समय वह खुद प्रशासन के साथ थी और अपने बेटे को खोजने में सहयोग कर रही थी. बाद में मामला अदालत तक पहुंच गया.
प्रशासन के साथ बिलासपुर तक खोज
पीड़िता के अनुसार प्रशासन उसे और उसके परिवार को खोजबीन के दौरान बिलासपुर तक ले गया. वहां से किसी दूसरे मामले में एक अन्य लड़का और लड़की पकड़े गए. इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ और आरोपियों की तरफ से रंजिश बढ़ती चली गई.
बबिता देवी के मुताबिक 24 दिसंबर 2025 को करीब 4 बजे शाम यह घटना हुई. आरोप है कि प्रिंस तिवारी हाथ में लोहे और लकड़ी से बनी कुल्हाड़ी लेकर उनके पास आया और जान लेने की नीयत से हमला शुरू कर दिया.
हाथ की हड्डी टूटने का आरोप
महिला का कहना है कि अपनी जान बचाने के लिए उसने दोनों हाथों से वार रोका, जिससे उसके हाथ की हड्डी टूट गई. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हमला नहीं रुका और वह लगातार खुद को बचाने की कोशिश करती रही.
मां पर भी हमला करने की कोशिश
घटना के दौरान जब पीड़िता की मां बीच बचाव के लिए आईं तो उन पर भी हमला करने का प्रयास किया गया. डर के कारण वह जान बचाकर घर के अंदर भाग गईं. पीड़िता का कहना है कि हालात बेहद भयावह थे.
परिवार के साथ मिलकर साजिश का आरोप
बबिता देवी ने आरोप लगाया है कि प्रिंस तिवारी अकेला नहीं था. उसके पिता संतोष तिवारी, बहन चंचल तिवारी और चाची भी साथ में मौजूद थीं. सभी लोग एकमत होकर आए थे ताकि अगर कोई बीच बचाव करे तो उस पर भी हमला किया जा सके. पीड़िता के अनुसार आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे और बीच बचाव किया तब जाकर उसकी जान बच सकी. अगर लोग नहीं आते तो बड़ी घटना हो सकती थी.
सीसीटीवी फुटेज होने का दावा
महिला का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. यह फुटेज उसके पास मौजूद है और पुलिस जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है. हमले के दौरान अफरातफरी में आरोपियों में से किसी एक द्वारा पीड़िता का मंगलसूत्र छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है. इस बात का उल्लेख उसने अपने आवेदन में किया है.
पुलिस से गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग
बबिता देवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए. महिला का कहना है कि ठंड की रातों में सन्नाटा रहता है और उसे दोबारा हमले का डर सता रहा है. पीड़िता ने साफ कहा है कि अगर उसके परिवार के किसी सदस्य को भविष्य में कोई नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं आरोपियों की होगी, जिनके नाम उसने शिकायत में दर्ज कराए हैं.
ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई की त्वरित जरुरी
यह मामला दिखाता है कि प्रेम संबंध से जुड़ा विवाद किस तरह धीरे-धीरे हिंसा में बदल गया. अदालत और प्रशासन तक मामला पहुंचने के बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ. दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से हमला होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अगर सीसीटीवी फुटेज के बावजूद त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो यह पीड़ित परिवार के लिए खतरे को और बढ़ा सकता है. ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई ही हालात को काबू में ला सकती है.