Jharkhand News: राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को सरना परंपरा और आदिवासी समाज से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की पहचान, आदिवासी मूल्यों और जनजातीय स्वशासन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा.
सरना संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में केंद्रीय सरना समिति, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा और आदिवासी बालक बालिका छात्रावास रांची के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की. प्रतिनिधियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों से उन्हें शहरों, गांवों और कस्बों समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोगों की भावनाओं और उत्साह की जानकारी मिल रही है. यह झारखंड की सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है.
आदिवासी संघर्ष और विरासत का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के आदिवासी और मूलवासी समाज ने जल, जंगल, जमीन और सभ्यता संस्कृति की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है. समय समय पर बने कानूनों में कुछ उनके हित में रहे तो कुछ उनके खिलाफ भी गए. लेकिन हर अन्याय के खिलाफ संघर्ष की परंपरा कभी कमजोर नहीं पड़ी. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की सभ्यता संस्कृति और संसाधनों को बचाने के लिए कई वीर सपूतों ने बलिदान दिया. अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना भी लंबे संघर्ष का परिणाम रही. उन्होंने कहा कि आज राज्य की बागडोर उन्हें जनता के भरोसे और आशीर्वाद से मिली है.
पेसा कानून को बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी के स्नेह और आशीर्वाद से सरकार लगातार आगे बढ़ रही है. जिम्मेदारी निभाने में कई चुनौतियां आईं लेकिन सच्ची नीयत और राज्यहित के साथ काम करते हुए सरकार मजबूती से खड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय स्वशासन, सम्मान और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है. इसी दिशा में पेसा कानून को मंजूरी दी गई है. इसके लागू होने से जनजातीय क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को निर्णय लेने की महत्वपूर्ण शक्तियां मिलेंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिकाल से इस भूमि पर रहने वाले जनजातीय समुदाय झारखंड की आत्मा हैं. पेसा कानून उनके अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को सशक्त करेगा और आने वाले समय में राज्य के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएगा.
पेसा नियमावली की जानकारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा नियमावली को गहन विचार विमर्श के बाद कैबिनेट से पारित किया गया है. उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि नियमों और कानूनों की जानकारी रखें ताकि इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष का यह युवा झारखंड मजबूती से आगे बढ़ रहा है. हाल ही में लगभग 10 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति दी गई है. आने वाले समय में रोजगार के और अवसर सृजित किए जाएंगे.
गांव मजबूत तो राज्य मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व ग्रामीण समाज को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में नीतियों की सही जानकारी जरूरी है. सरकार गांव केंद्रित है और गांव मजबूत होगा तभी राज्य मजबूत बनेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि ढोल नगाड़ों के साथ व्यक्त की गई आप सभी की भावनाएं उन्हें और अधिक ऊर्जा देती हैं. यह उत्साह सरकार को और मजबूती से काम करने की प्रेरणा देता है.
ग्राम सभा को सशक्त करने की दिशा में झारखंड आगे बढ़ रहा
सरना संगठनों के साथ मुख्यमंत्री की यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद का संकेत है. पेसा कानून को लेकर सरकार का स्पष्ट रुख बताता है कि जनजातीय स्वशासन और ग्राम सभा को सशक्त करने की दिशा में झारखंड आगे बढ़ रहा है. यह संवाद आने वाले समय में आदिवासी समाज और सरकार के बीच भरोसे को और मजबूत कर सकता है.