Bihar: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप 12वीं की बोर्ड परीक्षा के प्रश्न-पत्र पैटर्न में व्यापक बदलाव किए हैं। अब विद्यार्थियों से न केवल याददाश्त पर आधारित सवाल पूछे जाएंगे, बल्कि उनकी सोचने-समझने की क्षमता और विश्लेषण कौशल की परीक्षा लेने के लिए योग्यता आधारित (Competency Based) और एनालिटिकल प्रश्नों की संख्या को बढ़ाया गया है।
वास्तविक समझ पर आधारित
सीबीएसई के सिटी को-ऑर्डिनेटर एसी झा ने बताया कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और विद्यार्थियों को विषय वस्तु की गहरी समझ देने के उद्देश्य से उठाया गया है। बोर्ड परीक्षा अब केवल रटने वाले छात्रों की परीक्षा नहीं रहेगी, बल्कि वास्तविक समझ पर आधारित होगी।
विभिन्न विषयों में योग्यता आधारित सवालों का अनुपात इस प्रकार होगा
भौतिक विज्ञान (Physics): 32% नॉलेज बेस्ड और 30% एनालिटिकल सवाल, कुल 62% कॉम्पीटेंसी आधारित प्रश्न
रसायन विज्ञान (Chemistry): 30% नॉलेज बेस्ड और 30% एनालिटिकल, कुल 60%
गणित (Mathematics): 25% नॉलेज बेस्ड और 20% एनालिटिकल, कुल 45%
जीव विज्ञान (Biology): 30% नॉलेज बेस्ड और 20% एनालिटिकल, कुल 50%
बेहतर करियर विकल्पों के लिए तैयार होंगे
इस नए पैटर्न से छात्रों को सिर्फ सवालों का जवाब याद रखने की बजाय, उन्हें विश्लेषण करने, समस्याओं को हल करने और अवधारणाओं को समझने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे उनकी सोचने की क्षमता विकसित होगी और वे भविष्य में बेहतर करियर विकल्पों के लिए तैयार होंगे।
उच्च शिक्षा के लिए भी फायदेमंद होगा
सीबीएसई की यह पहल शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के बीच भी स्वागत योग्य मानी जा रही है, क्योंकि यह शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे परीक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थी पाठ्यक्रम को गहराई से समझ पाएंगे, जो उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए भी फायदेमंद होगा।