National Consumer Helpline: ऑनलाइन खरीदारी से लेकर यात्रा और इलेक्ट्रॉनिक सामान तक उपभोक्ताओं की शिकायतों पर राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने बड़ी राहत दिलाई है. बीते आठ महीनों में देशभर से आई शिकायतों का निपटारा करते हुए हेल्पलाइन के जरिए उपभोक्ताओं के 45 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं. सबसे ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी रहीं, जहां उपभोक्ताओं को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा था.
आठ महीने में लाखों शिकायतों का निपटारा
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अनुसार 25 अप्रैल 2025 से 26 दिसंबर 2025 के बीच देश के 31 क्षेत्रों से कुल 67 हजार 265 शिकायतें राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर दर्ज की गईं. इन शिकायतों की जांच और संबंधित कंपनियों से समन्वय के बाद उपभोक्ताओं को कुल 45 करोड़ रुपये की राशि वापस कराई गई. आयोग का कहना है कि उपभोक्ताओं को आयोग के चक्कर काटने की जरूरत न पड़े, इसके लिए हेल्पलाइन के स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है.
ई-कॉमर्स सेक्टर से सबसे ज्यादा शिकायतें
हेल्पलाइन पर आई शिकायतों में सबसे बड़ा हिस्सा ई-कॉमर्स सेक्टर का रहा. कुल 39 हजार 965 शिकायतें ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ दर्ज की गईं. जांच के बाद इन मामलों में उपभोक्ताओं के 32 करोड़ 6 लाख रुपये वापस कराए गए. गलत या खराब सामान, रिफंड में देरी और पिकअप रद्द होने जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं.
यात्रा पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में भी राहत
यात्रा और पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी 4 हजार 50 शिकायतों का निपटारा करते हुए 3 करोड़ 52 लाख रुपये वापस कराए गए. एजेंसी सेवाओं से संबंधित 957 शिकायतों में 1 करोड़ 35 लाख रुपये उपभोक्ताओं को लौटाए गए. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से जुड़ी 635 शिकायतों के निपटारे में 1 करोड़ 17 लाख रुपये और एयरलाइंस से जुड़ी 668 शिकायतों में 95 लाख रुपये वापस कराए गए.
शिकायत दर्ज करने के आसान तरीके
उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग लगातार सक्रिय है. किसी भी तरह की परेशानी होने पर उपभोक्ता टॉल फ्री नंबर 1915 या व्हाट्सएप नंबर 8800001915 के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है.
शिकायतों के निपटारे और उदहारण
- राजस्थान के एक उपभोक्ता ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदी गई प्लास्टिक कुर्सियों के खराब निकलने और बार बार पिकअप रद्द होने की शिकायत दर्ज कराई थी. हेल्पलाइन में मामला पहुंचते ही उपभोक्ता का पैसा वापस कराया गया.
- बेंगलुरु के एक उपभोक्ता ने वार्षिक इंटरनेट प्लान का भुगतान करने के बावजूद कनेक्शन नहीं मिलने और रिफंड अटकने की शिकायत की थी. जांच के बाद पूरी राशि लौटाई गई.
- चेन्नई के एक उपभोक्ता ने उड़ान से 96 घंटे पहले टिकट रद्द कराने के बावजूद रिफंड नहीं मिलने की शिकायत की थी. हेल्पलाइन की कार्रवाई के बाद उपभोक्ता को रिफंड मिला.
उपभोक्ता अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि उपभोक्ता अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग अब सीधे शिकायत दर्ज कराने से नहीं हिचकते. खास तौर पर ई कॉमर्स के बढ़ते विस्तार के साथ शिकायतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. ऐसे में हेल्पलाइन की सक्रिय भूमिका उपभोक्ताओं के भरोसे को मजबूत करती है और कंपनियों पर जवाबदेही का दबाव बनाती है. आने वाले समय में यदि निगरानी और सख्त होती है तो उपभोक्ताओं को ठगी और परेशानी से और बेहतर सुरक्षा मिल सकती है.