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  • 2025-12-27

Deoghar News: गरीब मरीज की पुकार पर आधी रात को देवघर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, रातों-रात मरीज को भेजा रांची

Deoghar: देवघर जिले के बसनली गांव से आधी रात को आई एक आपातकालीन फोन कॉल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को तुरंत सक्रिय कर दिया। फोन करने वाली महिला घबराई और डरी हुई थी। उसने अपने पति की नाजुक हालत बताते हुए किसी भी तरह मदद की गुहार लगाई और मंत्री से गांव पहुंचने की अपील की। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने बिना समय गंवाए उसी वक्त बसनली गांव के लिए रवाना हो गए। 

गांव पहुंचते ही स्वास्थ्य मंत्री ने खुद मरीज की स्थिति का जायजा लिया और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी ली। जांच में सामने आया कि मरीज एक अत्यंत गरीब आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखता है। परिजनों ने बताया कि पहले उसे एम्स देवघर ले जाया गया था, लेकिन वहां से बिना इलाज किए रिम्स रांची रेफर कर दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती चली गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को रांची भेजवाया। साथ ही उन्होंने परिजनों को आर्थिक सहयोग भी दिया, ताकि इलाज के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न आए। रांची में मरीज के समुचित और बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है।

इस मानवीय पहल से गांव के लोग बहुत भावुक हो गए। कड़ाके की ठंड और रात के अंधेरे में स्वास्थ्य मंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह सचमुच गरीबों और जरूरतमंदों के लिए समर्पित हैं। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक डॉ. इरफान अंसारी जैसे नेता साथ हैं, उन्हें किसी भी मुश्किल से डरने की जरूरत नहीं।

वहीं मंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि यह कोई उपकार नहीं बल्कि उनका फर्ज है। उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले एक डॉक्टर हैं और डॉक्टर का धर्म केवल सेवा होता है। जब तक जीवन है, वह जनता की सेवा करते रहेंगे।

परिजनों के द्वारा एम्स देवघर में इलाज न मिलने की बात सुनते ही स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स प्रबंधन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गरीब और आदिवासी मरीज बड़ी उम्मीद लेकर एम्स जैसे संस्थान में जाते हैं, लेकिन यदि वहां से उन्हें बार-बार बिना इलाज के रेफर किया जाएगा तो ऐसे संस्थानों की भूमिका और उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। 

उन्होंने इस स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है तो प्रबंधन को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर वह स्वयं एम्स जाकर इस मुद्दे पर बात करेंगे।
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