इन तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पैनल में शामिल
हेमंत सोरेन सरकार नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए राज्य की अपनी डीजीपी नियुक्ति नियमावली के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी करेगी। वर्तमान में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
अनिल पालटा
प्रशांत सिंह
एमएस भाटिया
माना जा रहा है कि सरकार इन्हीं तीनों अधिकारियों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगाएगी।
बदली हुई नियुक्ति प्रक्रिया
गौरतलब है कि पहले झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग द्वारा भेजे गए पैनल के आधार पर की जाती थी। राज्य सरकार नामों की अनुशंसा करती थी और UPSC उनमें से चयन करता था। हालांकि, हेमंत सोरेन सरकार ने नई नियमावली बनाकर नियुक्ति का अधिकार राज्य के पास सुरक्षित कर लिया है।
इस नई नियमावली के तहत सबसे पहले अनुराग गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उनके बाद इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब तीसरी बार इसी नियमावली के तहत नए मुखिया का चयन होगा।
चुनौतियां और अपेक्षाएं
नए डीजीपी के सामने राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से निपटने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। 31 दिसंबर तक आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है, जिससे नए साल की शुरुआत झारखंड पुलिस को नए नेतृत्व के साथ मिलेगी।