Jharkhand: चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र स्थित गेंदरा गांव में रविवार की देर रात नक्सलियों के दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने खूनी रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक चली इस भीषण गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों में एनआईए का एक पूर्व आरोपी भी शामिल है।
गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा गांव
घटना रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच हुई। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव दहल उठा। जान बचाने के लिए ग्रामीण घरों में दुबक गए और देर रात तक गांव में दहशत का माहौल बना रहा।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, लावालौंग थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरेन्द्र गंझू और चूरामन गंझू अपने समर्थकों के साथ हथियार लेकर गेंदरा गांव पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उनका उद्देश्य श्याम गंझू उर्फ श्याम भोक्ता के घर पर हमला करना था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से आपसी रंजिश और क्षेत्रीय दबदबे को लेकर विवाद चल रहा था।
अंधाधुंध फायरिंग शुरू
हमले के दौरान दूसरे गुट ने भी मोर्चा संभाल लिया, जिसके बाद दोनों ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इस गोलीबारी में धीरेन्द्र गंझू और चूरामन गंझू को गोलियां लगीं और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं, दूसरे पक्ष से श्याम भोक्ता, उनकी पत्नी और उनके साले गोपाल गंझू गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर तीनों को रांची स्थित रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
यह टकराव पूर्व नक्सलियों के आपसी विवाद का नतीज
बताया गया है कि श्याम भोक्ता पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रह चुका है और एनआईए का आरोपी रह चुका है।
घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने बताया कि यह टकराव पूर्व नक्सलियों के आपसी विवाद का नतीजा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मारे गए धीरेन्द्र गंझू के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। दोनों गुट पहले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी से जुड़े रहे हैं।
कुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही कुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।