Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-12-29

Jharkhand News: अंधविश्वास में बेटे ने रची पिता की हत्या की साजिश, बेटा समेत चार गिरफ्तार

Jharkhand News: पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत डबरा गांव में हुई बुजुर्ग पच्चू मोची की नृशंस हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. जांच में सामने आया है कि इस वारदात की साजिश खुद मृतक के बेटे ने अंधविश्वास के चलते रची थी. पुलिस ने बेटे गुड्डू मोची समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

शव की बरामदगी
पुलिस ने 26 दिसंबर को डबरा गांव से सटे जंगल क्षेत्र से पच्चू मोची का शव बरामद किया था. शव की हालत देखकर स्पष्ट था कि हत्या बेहद निर्ममता से की गई है. धारदार हथियार से गला रेतकर बुजुर्ग की जान ली गई थी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.

पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां
पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह हत्या पूरी तरह अंधविश्वास से प्रेरित थी. मामले में मृतक के बेटे गुड्डू मोची के अलावा धनंजय मोची, धनंजय मोची के साले सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र के साले मुनेश्वर कुमार रवि को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी करीब 20 वर्ष की उम्र के हैं.

हत्या का वीडियो भी मिला
जांच के दौरान पुलिस को एक चौंकाने वाला सबूत भी हाथ लगा. हत्या के बाद आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो बनाया था. यह वीडियो पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से बरामद कर लिया है, जिससे मामले की पुष्टि और मजबूत हो गई है. एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि करीब तीन महीने पहले पच्चू मोची के 4500 रुपये गुम हो गए थे. इसी दौरान उन्होंने घर के कुल देवता को कबाड़ में फेंक दिया था. इसके कुछ समय बाद गोतिया धनंजय रविदास की मां और भाई की मौत हो गई. साथ ही उसके दोनों बच्चे लगातार बीमार रहने लगे.

सुपारी देकर कराई हत्या
इन घटनाओं के बाद परिवार और रिश्तेदारों में अंधविश्वास गहराने लगा. पच्चू मोची पर ओझा गुणी करने का शक किया जाने लगा. यही शक धीरे धीरे एक खौफनाक साजिश में बदल गया. बेटे गुड्डू मोची ने धनंजय मोची के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बना ली. तय किया गया कि हत्या के बदले 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. गुड्डू मोची ने इस सौदे के तहत सात हजार रुपये धनंजय मोची को ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए. इसके बाद सुपारी लेने वाले तीनों आरोपी गांव पहुंचे और मौका देखकर चाकू से पच्चू मोची की हत्या कर दी. घटना के बाद परिवार के सदस्य कई दिनों तक चुप रहे. गांव में तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं. पुलिस के बढ़ते दबाव और जांच के बाद अंततः एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हो सका.

इस पूरे मामले की जांच में लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय, सब इंस्पेक्टर विक्रमशिला, राजू मांझी और अजय कुमार की अहम भूमिका रही. टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते हत्या की गुत्थी सुलझ पाई.

पुलिस की कार्रवाई ने अपराध को किया बेनकाब 
यह मामला समाज में गहरे बैठे अंधविश्वास की भयावह तस्वीर दिखाता है, जहां शक और डर ने बेटे को ही पिता का हत्यारा बना दिया. आधुनिक दौर में भी ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि जागरूकता और वैज्ञानिक सोच की कितनी सख्त जरूरत है. पुलिस की त्वरित और ठोस कार्रवाई ने अपराध को बेनकाब किया, लेकिन यह घटना सामाजिक चेतना पर एक गंभीर चेतावनी भी है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !