Jharkhand Politics: भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि जी राम जी योजना विकसित भारत अभियान की दिशा में एक अहम कदम है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की व्यवस्था थी वहीं जी राम जी योजना के तहत रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है.
बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान
आदित्य साहू ने कहा कि इस योजना में केवल काम ही नहीं बल्कि काम न मिलने की स्थिति में ग्रामीण मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी को मजदूरों को अधिक रोजगार मिलना और बेरोजगारी भत्ते को अनिवार्य करना स्वीकार नहीं है.
मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया था. मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया गया और मजदूरी के नाम पर प्रखंड और पंचायत स्तर पर लूट को बढ़ावा मिला. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का खामियाजा सीधे गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ा.
जी राम जी योजना में निगरानी व्यवस्था
आदित्य साहू ने बताया कि जी राम जी योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त और आधुनिक व्यवस्था की गई है. इस अधिनियम में एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली शामिल है. इसके साथ ही निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन किया गया है. पंचायत स्तर पर निगरानी को मजबूत किया गया है. उन्होंने कहा कि योजना में जीपीएस और मोबाइल आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है. रियल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड के माध्यम से कार्यों की लगातार समीक्षा होगी. प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष में दो बार सामाजिक अंकेक्षण को अनिवार्य किया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
योजनाओं को लेकर राजनीतिक टकराव
यह बयान ग्रामीण रोजगार योजनाओं को लेकर राजनीतिक टकराव को दर्शाता है. भाजपा जहां जी राम जी योजना को मनरेगा से बेहतर और पारदर्शी बता रही है वहीं कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं. आने वाले समय में यह मुद्दा ग्रामीण राजनीति और रोजगार नीति के केंद्र में बना रह सकता है.