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  • 2026-01-01

Jamshedpur Flower Show: गोपाल मैदान में खिला प्रकृति का उत्सव, 35वें फ्लावर शो ने बिखेरे रंग और खुशबू

Jamshedpur Flower Show (RISHABH RAHUL): जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित 35वां वार्षिक फ्लावर शो इन दिनों शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मैदान में प्रवेश करते ही रंग-बिरंगे फूलों की सजावट आंखों को ठहरने पर मजबूर कर देती है. चारों ओर फैली खुशबू और सजी हुई क्यारियां इस आयोजन को एक जीवंत अनुभव में बदल देती हैं. बच्चे हों या बुजुर्ग, हर कोई यहां रुककर फूलों के बीच तस्वीरें लेते और प्रकृति के इस नजारे का आनंद लेते दिख रहा है.



गुलाब के पौधे खींच रहे लोगों का ध्यान
फ्लावर शो में सबसे ज्यादा ध्यान गुलाब के पौधे खींच रहे हैं. मैदान के बड़े हिस्से में फैली लाल गुलाब की झाड़ियों पर खिले बड़े बड़े फूल गहरे लाल रंग में चमक रहे हैं. इनकी मखमली पंखुड़ियां और हल्की सुगंध माहौल को खास बना रही हैं. इसके साथ ही गुलाबी, पीले और सफेद गुलाब अलग अलग गमलों में सजाए गए हैं. कई पौधों पर नई कलियां भी नजर आ रही हैं, जो आने वाले दिनों में और रंग बिखेरने का संकेत दे रही हैं.



ब्रोकोली और मिर्च के पौधे भी 
इस प्रदर्शनी में फूलों के साथ साथ सब्जियों की किस्में भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं. नींबू के पेड़ों पर लटके पीले फल, फैली हुई खीरे की बेलें और गोभी के पौधों पर लगी सब्जियां खेती और बागवानी के सुंदर मेल को दर्शा रही हैं. ब्रोकोली और मिर्च के पौधे भी यहां प्रदर्शित हैं, जिन्हें लोग उत्सुकता से देख रहे हैं.



क्राइसेंथेमम फूलों की बहार ने शो को और भी रंगीन बना दिया है. पीले, सफेद, गुलाबी और नारंगी रंग के क्राइसेंथेमम बड़े गुच्छों में सजे हुए हैं. पीले फूल सूरज की तरह चमकते नजर आते हैं, जबकि सफेद फूल बर्फ जैसी आभा देते हैं. गुलाबी, बैंगनी और नारंगी रंगों के फूलों को परत दर परत सजाया गया है, जिससे पूरा मैदान रंगों की दुनिया में बदल गया है.



टोपियरी की कलाकृतियां भी इस शो की खास पहचान
टोपियरी की कलाकृतियां भी इस शो की खास पहचान बनी हुई हैं. हरे पौधों को हिरण और अन्य आकृतियों के रूप में तराशा गया है. ड्यूरेंटा और फाइकस की झाड़ियों से बनी ये आकृतियां लोगों को खासा आकर्षित कर रही हैं. इसके साथ ही बॉगेनविलिया के गुलाबी और बैंगनी फूल दीवारों और ढांचों पर चढ़कर सजावट को और मनमोहक बना रहे हैं.



एक हिस्से में जगन्नाथ रथ की थीम पर आधारित सजावट तैयार की गई है. तीन रथों की पेंटिंग के सामने फूलों से बना गांव जैसा दृश्य दर्शकों को अपनी ओर खींचता है. सफेद फूलों से बना रास्ता, चारों ओर लगे रंग बिरंगे फूल, लाल पोस्ट बॉक्स और पीला घड़ा इस थीम को जीवंत बनाते हैं. पीली बाड़ के साथ यह हिस्सा खास तौर पर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.



मैरीगोल्ड के पीले और नारंगी फूल पारंपरिक छटा बिखेर रहे
फव्वारे के पास सलविया के लाल फूल लंबी बालियों में सजे हैं, जो हवा के साथ हल्के से हिलते नजर आते हैं. इनके साथ पेटुनिया के बैंगनी, गुलाबी और सफेद फूल सजे हुए हैं. मैरीगोल्ड के पीले और नारंगी फूल पारंपरिक छटा बिखेर रहे हैं, जबकि डहेलिया के बड़े गहरे लाल और गुलाबी फूल सजावट में अलग पहचान बना रहे हैं. छोटे फूलों की क्यारियों में सफेद एलिसम फूल बर्फ की चादर जैसे बिछे हुए हैं, जिनके बीच रंगीन किनारियां रास्तों को सुंदर रूप दे रही हैं.



विभिन्न किस्म के पौधे और फूलों के गमले खरीदते नजर आए
मैदान के बाजार वाले हिस्से में नर्सरी स्टॉल्स लगाए गए हैं. स्टॉल्स पर लोग विभिन्न किस्म के पौधे और फूलों के गमले खरीदते नजर आ रहे हैं. एक गोलाकार संरचना में ऊपर हरे पेड़ और नीचे रंगीन फूलों की परतें सजाई गई हैं. इसके साथ ही प्रतियोगिता के लिए रखी गई ट्रॉफी और पुरस्कार भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं.



फ्लावर शो फूलों और पौधों की विविधता का जीवंत उदाहरण
गोपाल मैदान में लगा यह फ्लावर शो फूलों और पौधों की विविधता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है. हर कोना अलग रंग, खुशबू और साज सज्जा से भरा हुआ है. लोग परिवार के साथ यहां घूमते हुए न केवल फूलों की खूबसूरती देख रहे हैं, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़ाव का एहसास भी कर रहे हैं.


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