राज्य के राजस्व सचिव चंद्रशेखर ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने और राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही टाटा लीज पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल टाटा स्टील के साथ लीज नवीनीकरण का करार संभव नहीं दिख रहा है।
आयुक्त की स्वीकृति के बिना लीज का ड्राफ्ट आगे नहीं बढ़ सकता
राजस्व सचिव ने बताया कि टाटा लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया में कोल्हान आयुक्त की भूमिका बेहद अहम है। आयुक्त की स्वीकृति के बिना लीज का ड्राफ्ट आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने कहा कि कोल्हान आयुक्त की पोस्टिंग को लेकर कार्मिक विभाग से जल्द नियुक्ति का अनुरोध किया गया है। आयुक्त की मंजूरी के बाद लीज का मसौदा विधि विभाग को भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
कंपनी के बीच कोई वैध लीज समझौता नहीं था।
20 अगस्त 2005 को टाटा लीज का नवीनीकरण किया गया, जिसे पिछली तारीख यानी 1 जनवरी 1996 से प्रभावी माना गया। यह समझौता 10,852 एकड़ जमीन के लिए अगले 30 वर्षों के लिए था। इस दौरान 1,856 एकड़ जमीन को लीज से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उस पर अतिक्रमण हो चुका था।
अब 31 दिसंबर 2025 को 2005 में हुआ लीज नवीनीकरण भी समाप्त हो चुका है और नया करार कई अड़चनों में फंसा हुआ है।
कब-कब क्या हुआ: टाटा लीज का सफर
टाटा स्टील (तब टिस्को) को आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा जमीन लीज पर दी गई थी, जिसे बाद में बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 के तहत लाया गया। इसका घटनाक्रम इस प्रकार है.
1 जनवरी 1956 : सरकार ने टाटा स्टील के साथ 12,708 एकड़ जमीन के लिए 30 वर्षों का लीज समझौता किया।
31 दिसंबर 1995: 1956 में हुए समझौते की अवधि समाप्त हो गई।
1995 से 2005: इस 10 साल की अवधि में सरकार और कंपनी के बीच कोई लीज समझौता नहीं था।
20 अगस्त 2005: टाटा लीज का नवीनीकरण हुआ। इसे पिछली तारीख (1 जनवरी 1996). से प्रभावी माना गया। यह समझौता 10,852 एकड़ जमीन के लिए अगले 30 वर्षों के लिए था।
जमीन की कटौती: 2005 के. समझौते में 1,856 एकड़ जमीन (शेड्यूल-5) को लीज से बाहर कर दिया गया, क्योंकि लीज विहीन अवधि (1995-2005) के दौरान इस पर अतिक्रमण हो चुका था।
सब-लीज विवाद : टाटा स्टील ने 144 एकड़ जमीन 200 लोगों/कंपनियों को सब-लीज पर दी थी। आरोप है कि कंपनी ने इससे प्राप्त राजस्व का 200 करोड़ रुपये सरकार के पास जमा नहीं कराया।
31 दिसंबर 2025: 2005 में हुए नवीनीकरण की अवधि समाप्त हो गई।