Ranchi News: झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद रांची शहर और जिले में जलाशयों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इसी क्रम में रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने हटिया जलाशय धुर्वा डैम क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.
अवैध कब्जों को हटाने में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलाशय के आसपास अतिक्रमण की जानकारी ली और शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जलाशयों की वास्तविक सीमा को राजस्व नक्शे के अनुरूप स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए ताकि अवैध कब्जों को हटाने में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे.
जलाशयों पर अतिक्रमण होने से पानी संग्रहण की क्षमता होती है प्रभावित
उपायुक्त ने बताया कि जलाशयों पर अतिक्रमण होने से पानी संग्रहण की क्षमता प्रभावित होती है और इसका सीधा असर पर्यावरण और भूजल स्तर पर पड़ता है. प्रशासन का लक्ष्य है कि रांची के सभी प्रमुख जलाशय और तालाब अतिक्रमण मुक्त बनाए जाएं ताकि जल संरक्षण को मजबूत किया जा सके. उन्होंने अंचल अधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने को कहा. साथ ही यह भी निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो इसके लिए नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने आम लोगों से भी अपील की कि वे जलाशयों के आसपास किसी तरह का अतिक्रमण न करें और जल संरक्षण के प्रयासों में प्रशासन का सहयोग करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा.
पर्यावरण संतुलन और जल सुरक्षा के लिए अहम कदम
जलाशयों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रांची के पर्यावरण संतुलन और जल सुरक्षा के लिए अहम कदम है. लगातार बढ़ते शहरी दबाव के बीच जल स्रोतों की रक्षा प्रशासन की बड़ी चुनौती बन चुकी है. यदि इस अभियान को नियमित निगरानी और जन सहयोग के साथ आगे बढ़ाया गया तो इसका दीर्घकालिक लाभ शहर को मिल सकता है.