Gold And Silver: वैश्विक बाजारों के लिए साल 2026 की शुरुआत भारी भू-राजनीतिक तनाव के साथ होती दिख रही है. दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला से जुड़ी बड़ी घटना ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. शुक्रवार देर रात अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान दिया कि वेनेजुएला पर अब अमेरिका का नियंत्रण है और हालात सामान्य होने तक प्रशासन अमेरिका ही चलाएगा.
तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका की ओर से निकोलस मादुरो पर नशीले पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है. इसका सीधा असर वैश्विक बाजारों पर दिखने लगा है. निवेशकों का रुझान जोखिम भरे निवेश से हटकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा है. सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में मांग तेज हुई है. वहीं तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल की संभावना बन गई है.
अमेरिका इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है
साल 2026 की शुरुआत सोने के लिए सकारात्मक रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 4,370 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई. इसके पीछे वैश्विक तनाव के साथ यह उम्मीद भी है कि अमेरिका इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली और भाव दो प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर लगभग 73 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचे. डॉलर की कमजोरी चांदी की सीमित उपलब्धता और औद्योगिक मांग ने कीमतों को सहारा दिया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की 5 प्रतिशत गिरी
हालांकि पूरे सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है. पिछले साल की तेज तेजी के बाद सोना और चांदी दोनों में मुनाफावसूली देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 5 प्रतिशत और चांदी 8 प्रतिशत से अधिक गिर गई. इससे साफ है कि निवेशक सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
भारत की बात करें तो एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में हफ्ते की शुरुआत में तेज गिरावट दर्ज की गई. यह पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट मानी जा रही है. इसके बाद कीमतों में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं देखा गया. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सोना एक अहम स्तर के ऊपर टिका रहता है तो इसमें दोबारा तेजी आ सकती है. लेकिन उस स्तर के टूटने पर गिरावट और गहरी हो सकती है.
डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल हफ्ते के अंत में करीब 57.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
तेल बाजार भी नए साल की शुरुआत में दबाव में नजर आया. डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल हफ्ते के अंत में करीब 57.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. साल 2025 में तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी क्योंकि बाजार में सप्लाई ज्यादा थी. अब वेनेजुएला से जुड़े तनाव और रूस यूक्रेन संघर्ष के दौरान ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से तेल बाजार में जोखिम बढ़ गया है. इन्हीं हालात के बीच यह चर्चा तेज है कि सोने की कीमतें आगे चलकर दो लाख रुपये के स्तर को पार कर सकती हैं.
बेस मेटल्स में भी साल की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है. तांबे की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं. वहीं एल्युमिनियम 2022 के बाद पहली बार 3,000 डॉलर प्रति टन के पार चला गया. एशियाई बाजारों में मजबूत मांग ने इन धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है.
वेनेजुएला से जुड़ी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता
वेनेजुएला से जुड़ी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है. निवेशक जोखिम से दूरी बनाते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं. सोना चांदी और तेल जैसे कमोडिटी बाजार आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाओं के आधार पर दिशा तय करेंगे. अगर तनाव लंबा खिंचता है तो सुरक्षित निवेश की मांग और बढ़ सकती है और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है.